सट्टा बाजार से युवा बर्बाद

नई दिल्ली। मैच का जलवा भारत के बच्चे से लेकर बुजुर्गों पर छाया रहता है, इस क्रिकेट मैच का बेसब्री से इंतजार क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले बुकि और सटोरिए को भी रहता है।
पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया इंडिया के बीच क्रिकेट मैच चल रहा था तो पुलिस ने क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले बुकि के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर उनके 10 – 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दावा किया की अब ये धंधा नहीं चलने दी जाएगी.
लेकिन जिन्हें गिरफ्तार किया गया था वह आज बेल पर घूम रहे हैं. पुलिस गिरफ्तार लोगों के कॉल डिटेल निकालकर उन सभी को फोन कर परेशान कर रही है जिनको कभी ना कभी उस नंबर से कॉल किया गया था चाहे वह उनमें से किसी का रिश्तेदार हो या नया बच्चा जिसे लालच देकर इसमें फसाया गया हो, इन सब को बेवजह पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है।
आरोप है कि जो लोग इन पुलिस इंस्पेक्टर को पैसे दे देते हैं उन्हें छोड़ दिया जाता है और जिन लोगों का इससे कोई मतलब नहीं है वे पैसे नहीं देते हैं तो उन्हें बार-बार कॉल कर परेशान कर रहे हैं. इसमें दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, मुंबई और कोलकाता पुलिस के कई इंस्पेक्टर हैं जो देश के अलग-अलग शहरों में लोगों को धमका रहे हैं. पुलिस अगर चाहे तो सट्टेबाजी को जड़ से मिटा सकती है लेकिन आरोप है कि यह सब पुलिस के मिलीभगत से ही ये सब चलाया जाता है. उन्हें सुविधा शुल्क मिला तो ठीक नहीं तो परेशान किया जाता है. यही कारण है की खेलों पर सट्टे का यह खेल पहले से होता रहा है और शायद आगे भी होता ही रहेगा। इसे रोकना या तो प्रशासन के बस का नहीं है या फिर प्रशासन इसे रोकना नहीं चाहती।
परन्तु जो परिवार इसमें पिस रहे होते हैं वह पीसते ही चले जाते हैं।
अब देखना यह है कि आखिर इस खेल का अंत कब तक होगा और कब इन परिवार वालों को इस काले बाजारी सट्टा बाजार से मुक्ति मिलेगी