धड़ल्ले से जारी है अवैध गैस रिफिल करने का खेल

धड़ल्ले से जारी है अवैध गैस रिफिल करने का खेल
एक सिलेण्डर से दूसरे छोटे सिलेण्डर में चुरायी जाती है गैस, बाजार भाव 90 रूपए प्रति किलो
ओखला फेज 2-ए ब्लाक में सिटीजन गैस एजेंसी के डिस्ट्रीब्यूटर खतरनाक तरीके से निकालते हैं गैस
अखिलेश कुमार अखिल
नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय लाख प्रयासों के बावजूद रसोई गैस सिलेण्डरों में से गैस चोरी करने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा पा रहा है। विभागीय अधिकारियों का चेकिंग दस्ता कार्रवाई करने नहीं उतरता तो हालात यह है कि लगभग हर घर को 2 से 4 किलो गैस कम दी जा रही है। इस बाबत पूर्वी दिल्ली की पटपड़गंज गैस एजेंसी की महिला मालकिन ने कहा कि हमने सभी डिस्ट्रीब्यूटर को तौलने वाली मशीन दे रखी है, वजन तौलवा कर ही गैस लें।
हैरत की बात है कि एक रसोई गैस सिलेण्डर से छोटे छोट गैस सिलेण्डरों को भरना एक खतरनाक प्रक्रिया है और जरा सी असावधानी से बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन इस सबके बावजूद गैस चोरी का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। ओखला औद्योगिक क्षेत्र फेज 2 में पार्क में सरेआम गैस चोरी करने का काम किया जाता है। सिटीजन गैस एजेंसी के लोग दिन दहाड़े सिलेण्डरों में से गैस चोरी करते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक गैस डिस्ट्रीब्यूटर यहां गैस सिलेण्डर चढ़ाते उतारते हैं और आगे घरों को सप्लाई करने के लिए ले जाते हैं। कालका जी, तुगलकाबाद, गोविन्दपुरी, ओखला और अलकनन्दा आदि रिहायशी क्षेत्रों में घरों को सप्लाई किए जाने वाले गैस सिलेण्डर से गैस चोरी किए जाने के मामले में खास बात यह भी है कि डिस्ट्रीब्यूटर दूसरे के नाम का सिलेण्डर दूसरे को बेच भी देते हैं। इस तरह बेचे जाने वाले सिलेण्डरों में 4 से 5 किलो कम गैस होती है। ज्यादातार चाय दुकान, होटल व कैंटीन आदि एरिया में सप्लाई होने वाले कम भरे हुए गैस सिलेण्डर की धरपकड़ हुई तो ओखला फेज 2 में बड़ा खुलासा हो सकता है।
रसोई गैस सिलेण्डर में से गैस निकालना गैरकानूनी है लेकिन लगभग सभी डिस्ट्रीब्यूटर गैस निकाल कर छोटे सिलेण्डर में बेचते हैं। यमुनापार, बदरपुर, संगम विहार और गोविन्दपुरी आदि क्षेत्रों में बाकायदा गैस बेचने का कारोबार भी किया जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक निवासी ने बताया कि 90 रूपए प्रति किलो के हिसाब से गैस कभी भी भरायी जा सकती हैै। ऐसे इलाके जहां मजदूर और असंगठित क्षेत्र के रोजगार वाले रहते हैं वहां छोटे छोटे सिलेण्डरों में गैस भराने का अधिक चलने है और यहां गैस सिलेण्डर पांच से सात किलो कम सप्लाई किए जा रहे हैं। बिना नम्बर के ब्लैक से मिलने वाले सिलेण्डर में गैस कम होने की शिकायत का लफड़ा ही नहीं है ऐसे में धड़ल्ले से घरों को आपूर्ति की जा रही गैस की चोरी की जा रही है। ओखला फेज 2 के ए ब्लाक पार्क से गैस कारोबार करने वाली संस्था सिटीजन गैस एजेंसी द्वारा खतरनाक तरीके से गैस भरने का कारोबार किया जा रहा है।