महिला कोरोना योद्धा को राजनैतिक प्रताडना देने से रोष व्याप्त

जयपुर कर्मपालसिह सवाली
राजनैतिक धोंस व सत्ता की ताकत दिखाकर कर्तव्यनिष्ठ , ईमानदार अफसर कर्मचारियों के स्थानान्तरण व एपीओ की कार्यवाही से अधिकारी व कर्मचारियों मे रोष व्याप्त हैं । वैश्विक महामारी में कोरोना योद्धा अधिकारी कर्मचारी अपनी जान पर खेलकर समर्पित सेवाएं दे रहे हैं ।प्रशासनिक अधिकारी , डांक्टर , नर्सिंग स्टाफ , पुलिस ,शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी व शिक्षक , ग्राम विकास अधिकारी , संविदा कर्मी , पंचायत सहायक , आंगनवाडी कार्यकर्ता , आशा , सहयोगिनी आदि कोरोना के विरुद्ध जंग लड रहे हैं । इनका मनोबल बढाने की आवश्यकता हैं । कानून पालन करने व करवाने में शासन का सहयोग चाहिये । ऐसे में यदि शासन के जिम्मेदार विधायक ही कानून तोड़ने का कार्य करेंगे तो लडाई कैसे लड सकेंगे कोरोना योद्धा । सरकार ने महामारी की आपदा में चित्तौड़गढ उपखण्ड अधिकारी महिला कोरोना योद्धा तेजस्वी राणा को हटाया जो निंदनीय हैं ।तेजस्वी राणा को इसलिए हटाया कि उसने विधायक राजेंद्रसिंह विधूडी की कार को रोककर उसका चालान बनाया था । दूसरे की कार स्वयं विधायक चला रहे थे तथा उनके पास लाइसेंस भी नहीं था ।कानून तोड़ने वाले विधायक पर नियमानुसार
कार्यवाही की ।तो सरकार ने ईमानदार कोरोना योद्धा तेजस्वी राणा का स्थानान्तरण कर दिया । ईमानदार अफसर ने ईमानदारी से कानूनी कार्यवाही की । जिसका विधायक व सरकार को सम्मान करना था । उसके कार्य की सराहना करनी थी । लेकिन विधायक ने सत्ता का धौंस दिखाकर दूसरे दिन उसे उपखण्ड अधिकारी चित्तौड़गढ से हटाकर राज्य स्वास्थ्य बीमा निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर लगवा दिया । आपदाकाल में चित्तौड़गढ के उपखण्ड अधिकारी का पद रिक्त रखा । जिसकी राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश सहमंत्री ।