उत्तर प्रदेश को अलग अलग जोन मे बाटा गया

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में आगरा, गौतमबुद्ध नगर व राजधानी लखनऊ सहित नौ जिलों को रेड जोन में शामिल किया गया है। इनके साथ ही जिन जिलों में कम पॉजिटिव केस हैं, उनको ऑरेंज जोन में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के 31 जिलें ऑरेंज जोन में हैं। प्रदेश के 36 जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। इन सभी जिलों की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी और बढ़ते-घटते केस पर इनको को ऊपर व नीचे के जोन में शामिल किया जाएगा।
जिलों केंद्र सरकार ने उन जिलों की सूची जारी की है जिन्हें बड़े पैमाने पर कोरोना के प्रसार के चलते हॉटस्पॉट जिला घोषित किया गया है। सरकार ने एक निश्चित समय सीमा के भीतर कोरोना के मामलों के घटने की सूरत में इन स्थितियों मे बदलाव का प्रारुप भी तैयार किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक जिन इलाकों में 28 दिनों के भीतर कोई केस रिपोर्ट नही किया जाएगा उन रेड जोन को माना जाएगा। इसस यह भी पता चलेगा की वह लोग कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सही काम कर रहे हैं। इसी तरह जिन आरेंज जोन में 14 दिनों तक कोई मामला सामने नही आएगा, उनकी भी रिपोर्ट बेहतर मानी जाएगी। इसी तरह ग्रीन जोन के लिए यह समय सीमा 28 दिनों की रखी गई है।
रेड जोन
रेड जोन वाले हिस्‍सों में कोई गतिविधि नहीं होगी। रेड जोन में उन जिलों को शामिल किया गया है, जहां कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस बहुत ज्‍यादा समाने आए हैं। अभी जिन इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और फिर भी उनमें नए मामले सामने आ रहे हैं तो उन्‍हें भी रेड जोन में रखा जा सकता है। ऐसे इलाकों में लोगों को लॉकडाउन का सख्‍ती से पालन करना होगा यानी बहुत जरूरी काम से ही घर से निकलने की छूट रहेगी। सरकार ने उन जिलों की सूची जारी की है जिन्हें बड़े पैमाने पर कोरोना के प्रसार के चलते हॉटस्पॉट जिला घोषित किया गया है। इनको रेड जोन में रखा गया है। इनमें आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, लखनऊ, गाजियाबाद, सहारनपुर, शामली, फिरोजाबाद और मुरादाबाद को रखा गया है।
ऑरेंज जोन
ऑरेंज जोन में उन जगहों को रखा गया है, जहां पॉजिटिव केस आए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। जहां नए मामले सामने आने बंद हो गए हैं, उन्‍हें ऑरेंज जोन में रखा जाएगा। ऐसे इलाकों में फसल की कटाई समेत कुछ गतिविधियों की छूट रहेगी।मजदूर उसी इलाके के ही काम पर लगाए जा सकेंगे। बाहर के इलाकों से मजदूरों के बाने पर पाबंदी रहेगी। इस लिस्ट में नॉन हॉटस्पॉट जिलों यानि ऑरेंज जोन का भी नाम है। इनमें बुलंदशहर, सीतापुर, बस्ती, बागपत, कानपुर शहर, वाराणसी, अमरोहा, बरेली, हापुड़, महराजगंज, प्रतापगढ़, रामपुर, बरेली, गाजीपुर, आजमगढ़, हाथरस, मुज्जफरनगर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, औरैया, बांदा, बदायूं, हरदोई, कौशांबी, मथुरा, मिर्जापुर, रायबरेली, पीलीभीत, बाराबंकी, बिजनौर, प्रयागराज,शाहजहांपुर व इटावा शामिल हैं।
ग्रीन जोन में कोरोना मुक्त जिले
जिले पूरी तरह से कोराना से मुक्त हैं और ग्रीन जोन में हैं। इस सूची में जिन जिलों के नाम नहीं हैं, वह सभी ग्रीन जोन में शामिल हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के 31 जिले हैं। इनमें रेड और आरेंज जोन में कोरोना वायरस का कंटेनमेंट प्लान लागू होगा और वहां किसी तरह की आर्थिक गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी। ग्रीन जोन में शारीरिक दूरी व मास्क की अनिवार्यता के साथ आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों की इजाजत मिलेगी। 28 दिन तक कोरोना का एक भी मरीज सामने नहीं आने के बाद आरेंज जोन ग्रीन जोन में तब्दील हो जाएगा। ग्रीन जोन में ऐसे जिले हैं, जिनमें अब तक कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है। ऐसे इलाके में लोगों को बाकी दोनों के मुकाबले ज्‍यादा छूट है। ग्रीन जोन इलाकों में छोटे और मझोले उद्योग धंधे अपना काम शुरू कर पाएंगे। काम शुरू करने वाले उद्योगों को कर्मचारियों की रहने की व्यवस्था परिसर में ही करनी होगी। लोग अपने जरूरी कामों के लिए बाहर निकल सकेंगे।इन इलाकों के लोग अपने क्षेत्र में घूम सकेंगे,लेकिन बाहर के लोग अंदर नहीं आएंगे।
रेड और आरेंज जोन में अंतर
रेड जोन में वह इलाके शामिल हैं, जहां कोरोना के हॉटस्पॉट हैं। आरेंज जोन में कोई भी हॉटस्पॉट एरिया नहीं है। रेड जोन को भी दो भागों में बांटा गया है। रेड जोन में कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां कोरोना का आउटब्रेक हुआ है। इसके अलावा कुछ रेड जोन वाले जिले में कोरोना के बहुत सारे मरीज सामने आए हैं। वहां कलस्टर बन गए हैं।