21 अप्रैल से लोगों को लॉकडाउन में छूट दी जाएगी

पाली,। राज्य सरकार की ओर से लिए गए निर्णय के अनुसार पाली जिले में 21 अप्रैल से लोगों को लॉकडाउन में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही कुछ इलाकों में छोटे उद्योगों के संचालन की भी अनुमति रहेगी। इसमें उन्हीं इलाकों को शामिल किया जाएगा, जहां पर कोरोना के मामले नहीं हैं या एकदम कम हैं।
जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन ने बताया कि गृह विभाग के विशिष्ट शासन सचिव पीसी बेरवाल ने माॅडिफाइड लाॅकडाउन को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। ऐसे में अब सरकार उन उद्योगों और संस्थाओं को खोलने की इजाजत दे रही है, जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के उपाय किए गए है। जो उद्योग चलेंगे वहां पर नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। वहां काम करने वाले लोगों को रुकने की व्यवस्था करवाई जाएगी। साथ ही किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत काम करवाया जा सकेगा। जिससे मजदूरों की रोजी-रोटी चलती रहे। इसके लिए भी सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त रखी है। नियम की अनदेखी हुई तो सभी छूट खत्म की जा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि माॅडिफाइड लाॅकडाउन के तहत किराणा और राशन की दुकानें, फल-सब्जी के ठेले, साफ-सफाई का सामान बेचने वाली दुकानें, डेयरी और मिल्क बूथ, पोल्ट्री, मीट, मछली और चारा बेचने वाली दुकानें, इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर, कुरियर, डीटीएच और केबल सर्विसेस चालू की जा सकेगी। ई-कॉमर्स कंपनियां काम शुरू कर सकेंगी। डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लिए जरूरी मंजूरी लेनी होगी। जिला प्रशासन जरूरी सेवाओं की होम डिलिवरी का इंतजाम करेगी। दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी होगा।
उन्होंने बताया कि आईटी और इससे जुड़ी सेवाओं वाले दफ्तर। इनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा स्टाफ नहीं होगा। केवल सरकारी गतिविधियों के लिए काम करने वाले डेटा और कॉल सेंटर, ऑफिस और आवासीय परिसरों की प्राइवेट सिक्योरिटी और मैंटेनेंस सर्विसेस, ट्रक रिपेयर के लिए हाईवे पर दुकानें और ढाबे खुलेंगे। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। गांवों और खेती-किसानी से जुड़ी ये सेवाएं और उद्योग 20 अप्रैल से शुरू हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय की सीमा से बाहर गांवों में उद्योग शुरू किए जा सकेंगे। गांवों में ईंट भट्टों और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में काम शुरू किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार की मंजूरी वाले कॉमन सर्विस सेंटर खुल सकेंगे। कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सर्विस शुरू होगी। फिशिंग ऑपरेशन (समुद्र और देश के अंदर) जारी रहेंगे। इसमें मछलियों का भोजन, मेंटेनेंस, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री हो सकेगी। हैचरी और कमर्शियल एक्वेरियम भी खुल सकेंगे। मछली और मत्स्य उत्पाद, फिश सीड, मछलियों का खाना और इस काम में लगे लोग आवाजाही कर सकेंगे। चाय, कॉफी, रबर और काजू की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री के लिए फिलहाल 50 प्रतिशत मजदूर ही रहेंगे। दूध का कलेक्शन, प्रोसेसिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और ट्रांसपोर्टेशन हो सकेगा। पोल्ट्री फॉर्म समेत अन्य पशुपालन गतिविधियां चालू रहेंगी। पशुओं का खाना मसलन मक्का और सोया की मैन्युफेक्चरिंग और डिस्ट्रिब्यूशन हो सकेगा। पशु शेल्टर और गौशालाएं खुलेंगी।
उन्होंने बताया कि जरूरी सामान की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में काम होगा। इनमें ड्रग, फार्मा और मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर मनरेगा कामगार काम कर सकेंगे। ऐसी प्रोडक्शन यूनिट, जिसमें प्रोसेस को रोका नहीं जा सकता। वे शुरू हो सकेंगी। उनकी सप्लाई चेन भी शुरू हो सकेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और स्पेशल इकोनॉमिक जोन, इंडस्ट्रियल टाउनशिप में स्थित कंपनियों को अपने यहां काम करने वाले स्टाफ के रुकने की व्यवस्था कंपनी परिसर में करनी होगी। अगर स्टाफ बाहर से आ रहा है तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए उनके आने-जाने के इंतजाम करने होंगे। आईटी हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों में कामकाज होगा। कोल, माइन और मिनरल प्रोडक्शन, उनके ट्रांसपोर्ट और माइनिंग के लिए जरूरी विस्फोटक की आपूर्ति जारी रहेगी। ऑयल और जूट इंडस्ट्री, पैकेजिंग मटेरियल की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को भी छूट मिलेगी। शहरी क्षेत्र के बाहर सड़क, सिंचाई, बिल्डिंग, अक्षय ऊर्जा और सभी तरह के इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन शुरू हो सकेगा। अगर शहरी क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट शुरू करना है तो इसके लिए मजदूर साइट पर ही उपलब्ध होने चाहिए। कोई मजदूर बाहर से नहीं लाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पब्लिक यूटिलिटी के तहत बैंक, एटीएम खुले रहेंगे। पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, सीएनजी, एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई जारी रहेगी। डाक घर खुले रहेंगे, डाक सेवाएं जारी रहेंगी। कैपिटल और डेट मार्केट सेबी के निर्देशों के अनुसार काम करेगा। अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, टेलिमेडिसिन सेवाएं चलती रहेंगी। डिस्पेंसरी, केमिस्ट, फार्मेसी, जन औषधि केंद्रों समेत सभी तरह की दवा की दुकानें और मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें। मेडिकल लैब और कलेक्शन सेंटर। फार्मा और मेडिकल रिसर्च लैब, कोरोना से जुड़ी रिसर्च करने वाले संस्थान। वेटरनरी अस्पताल, डिस्पेंसरी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब, टीकों और दवाओं की बिक्री। कोरोना रोकने के लिए जरूरी सेवाएं देने वाले सभी अधिकृत निजी संस्थान, होम केयर, डायग्नोस्टिक और अस्पतालों के लिए काम करने वाली सप्लाई चेन। दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, मेडिकल ऑक्सीजन, उससे जुड़ा पैकेजिंग मटेरियल और रॉ मटेरियल बनाने वाली मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स। एंबुलेंस समेत मेडिकल, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण। सभी तरह की मेडिकल, वेटरनरी सेवाओं से जुड़े लोग, साइंटिस्ट, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, मिड वाइव्स और एंबुलेंस समेत अस्पताल से जुड़ी सेवाओं को करने वाले लोगों का राज्य के अंदर और बाहर मूवमेंट जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट में सभी तरह के सामानों की आवाजाही हो सकेगी। रेलवे के जरिए सामान और पार्सल भेजे जा सकेंगे। विमानों का भी कार्गो, मदद और लोगों को निकालने के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। बंदरगाहों से देश के अंदर और बाहर रसोई गैस, खाद्य सामग्री और मेडिकल सप्लाई हो सकेगी। सड़क के रास्ते जरूरत के सामानों को ले जाने वाले ट्रकों-गाड़ियों की आवाजाही। इसमें दो ड्राइवरों और एक हेल्पर को अनुमति मिलेगी। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के अधीन आने वाले डिपार्टमेंट्स खुल सकेंगे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यालय और उनसे जुड़े ऑफिस भी खुले रहेंगे। पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, आपदा प्रबंधन, जेल और नगरीय निकाय के दफ्तरों में कामकाज जारी रहेगा। इसके अलावा राज्यों के अन्य विभागों में स्टाफ की सीमित संख्या के साथ काम होगा। ग्रुप ए और बी के अधिकारी जरूरत पड़ने पर ऑफिस आएंगे। ग्रुप सी और उसके नीचे के 33 फीसदी कर्मचारी के साथ कामकाज होगा। जिला प्रशासन और कोषागार में कर्मचारियों की सीमित संख्या के साथ काम होगा। हालांकि, जरूरी सेवाओं की डिलीवरी में लगे कर्मचारियों को छूट रहेगी। वन विभाग के कर्मचारी चिड़ियाघरों, नर्सरी, पेड़ों की सिंचाई और जंगल में आग पर काबू पाने के काम कर सकेंगे।
ये सुविधाएं 3 मई तक भी बंद ही रहेंगी –
उन्होंने बताया कि सभी तरह की घरेलू और विदेशी उड़ानें (सुरक्षा कारणों से होने वाली आवाजाही और कार्गो छोड़कर) बंद रहेंगी। यात्री ट्रेनों की सभी तरह की आवाजाही (सुरक्षा कारणों को छोड़कर) बंद रहेगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाली बसें नहीं चलेंगी। मेट्रो रेल सेवाएं बंद रहेंगी। मेडिकल वजहों को छोड़कर बाकी सभी लोगों का एक दूसरे से जिलों और एक से दूसरे राज्यों में मूवमेंट नहीं होगा। सभी तरह के एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट्स बंद रहेंगे। जिन्हें इजाजत मिली हुई है, उसे छोड़कर सभी तरह की कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियां बंद रहेंगी। जिन्हें इजाजत मिली हुई है, उसे छोड़कर हॉस्पिटैलिटी सेवाएं भी नहीं चलेंगी। ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवाएं बंद रहेंगी। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इनके जैसी जगहें भी नहीं खुलेंगी। सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समारोह या जमावड़े की इजाजत नहीं होगी। आम लोगों के लिए सभी तरह के धार्मिक स्थान और इबादत की जगहें बंद रहेंगी। धार्मिक जमावड़े को कड़ाई से बंद रखना होगा।
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