कुछ मददगार ऐसे ही जो खुद को रख रहे हैं गुमनाम ऐसे महादानियों को हमारा सलाम..।

गगन मिश्रा पड़रिया तुला द्वारा विशेष प्रस्तुति।।
पूरे विश्व में फैली कोरोना महामारी के दौरान जहां तमाम राजनेता संगठनों व समाजसेवी लोगों की छोटी सी मदद करते वक्त की कई फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया व मीडिया में वायरल करते हैं और यदि ₹10 दान करते हैं तो 100 का दिखावा करते हैं वही इस महामारी मैं गिने-चुने मददगार ऐसे भी हैं जो चुपचाप लोगों को बहुत बड़ी मदद कर देते हैं और जरूरतमंदों को पता तक नहीं चलता कि किसने सहायता की है ऐसे लोगों में ही एक नाम मेडिकल व्यवसायी सुमन वर्मा का आता है जो किसी की समस्या के बारे में सुनते ही तुरंत चुपचाप गुप्त रूप से मदद कर देते हैं और यदि किसी को पता भी चल जाता है तो उससे गोपनीय रखने को कहते हैं लेकिन जब इनके समर्पण का पता चला तो एक कलमकार अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाया बहुत मेहनत करने के बाद सूत्रों से पता लगा कि अभी कुछ दिन पहले ही गांव पड़रिया तुला मैं मजदूरी करने वाले एक परिवार के घर खाने को एक दाना भी नहीं था और स्वाभिमान के चलते वह किसी से मांग भी नहीं पा रहा था लेकिन किसी तरह इस बात का पता सुमन भाई को लगा तो उन्होंने तुरंत उसकी पर्याप्त आर्थिक मदद की और जरूरी दवाएं भी थी तथा आगे भी जरूरत पड़ने पर निसंकोच मदद मांगने का अनुरोध किया उसके बाद आंधी तूफान आने के बाद उसी युवक का घर तहस-नहस हो गया जब यह बात सुमन भाई जान पाए तो तुरंत फोन करके उसको बुलाया और उसकी जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद की तथा समय-समय पर किसी की तकलीफ़ के बारे में इनको पता चलता है तो यह उसे तत्काल संज्ञान में लेकर मदद करते रहते हैं उनकी इस अलग सोच को हमें सलाम करना चाहिए