रीगा चीनी मिल प्रबंधन ने 600 मजदूरों को 2 महीने के लिए काम से निकाला

सीतामढ़ी के रीगा चीनी मिल ने अपने 600 कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखला दिया है. रीगा मिल प्रशासन ने इस बारे में नोटिस जारी कर दिया है. रीगा चीनी मिल प्रशासन ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमें अगले दो महीने के लिए अपने कर्मियों से काम न लेने की बात कही गई है. ‘काम नहीं तो पैसा नहीं’ के आधार पर रीगा चीनी मिल ने यह नोटिस जारी किया है. नोटिस में यह भी बताया गया है कि दो महीने की इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है.

*चीनी मिल का दावा- लंबे समय से घाटे में चल रही मिल*

रीगा चीनी मिल द्वारा जारी इस नोटिस के बाद कर्मचारियों मे संशय की स्थिति बनी हुई है. रीगा चीनी मिल काफी लंबे अरसे से घाटे में चलने का दावा कर रही है. ऐसे में लॉक डाउन की इस कठिन परिस्थिति में प्रशासन अगर मिल के संचालन में अपनी रजामंदी नहीं दिखलाएगा तो उसके 600 कर्मियो की स्थिति क्या होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है.

*रीगा मिल के गेट पर लटका ताला*

सीतामढ़ी की रीगा चीनी मिल प्रशासन द्वारा इस नोटिस को जारी करने के बाद चीनी मील के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया है. चीनी मिल के अधिकारियो के मोबाईल भी स्वीच ऑफ आ रहे हैं. रीगा चीनी मिल के इस फैसले के बाद सीतामढ़ी प्रशासन भी इस मामले में कोई रूचि नहीं ले रहा है. चीनी मिल के गेट पर चिपकाये गये नोटिस के बाद सीतामढ़ी के रीगा चीनी मिल में काम करने वाले कर्मी बहुत परेशान हैं. इस नोटिस के बाद से तकरीबन 600 कर्मी रातोंरात सड़क पर आ गये हैं. गौरतलब है कि सीतामढ़ी के रीगा चीनी मिल पर सीतामढ़ी के गन्ना उत्पादक किसानों का भी तकरीबन 112 करोड़ रुपया बकाया है जिसका भुगतान नहीं होने से तकरीबन 50 हजार किसानों की आर्थिक हालत बहुत खराब है.