सुखद: देशभर में कोरोना महामारी के गंभीर मरीजों की दर आधी हुई

नई दिल्ली । कोरोना को लेकर बने भय के माहौल के बीच एक राहत देने वाली खबर है कि देश में 95 फीसदी संक्रमितों की बीमारी गंभीर रूप धारण नहीं कर रही है। महज पांच फीसदी से कम संक्रमित गंभीर हालात में पहुंच रहे हैं। पहले की तुलना में गंभीर मरीजों का प्रतिशत भी आधा रह गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के पिछले सप्ताह तक के आंकड़ों के अनुसार, अस्पतालों में भर्ती 4.8 फीसदी मरीज आईसीयू, 3.3 फीसदी ऑक्सीजन पर और 1.1 फीसदी वेंटिलेटर पर हैं। इस प्रकार 9.2 फीसदी रोगियों की हालत गंभीर थी। लेकिन हफ्तेभर में ही स्थिति सुधरी है।
50 फीसदी की गिरावट: ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब आईसीयू में 2.41 फीसदी, ऑक्सीजन पर 1.88 तथा वेंटिलेटर पर 0.38 फीसदी मरीज ही जा रहे हैं। यानी कुल 4.67% मरीजों की स्थिति ही गंभीर हो रही है। आंकड़े बताते हैं कि एक हफ्ते में ही ऐसे मरीजों की संख्या में 50 फीसद कमी आई है।
बेहतर इलाज: शुरुआती आकलनों में पाया गया था कि 20% मरीजों *की स्थिति गंभीर हो सकती है लेकिन *अब इसे पांच फीसद से नीचे लाने में कामयाबी मिली है। इसका फायदा यह है कि गंभीर मरीज जितने कम होंगे, उनके बेहतर उपचार दे पाना उतना ही आसान होगा।
दिल्ली के अस्पतालों को नियमित सूचना देनी होगी: दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव विजय देव ने सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि उन्हें रोज शाम 5:30 बजे तक कोरोना से मौत की जानकारी ई-मेल से देनी होगी। निर्देश में कहा गया कि डेथ ऑडिट कमेटी के पास रोजाना रिपोर्ट भेजना अनिवार्य है। अस्पताल में मौत नहीं होने की सूचना भी देनी होगी। रिपोर्ट नहीं भेजने पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्वास्थ्य महानिदेशालय और सभी 11 जिलों में इस कमेटी के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं।