विसवां की फैक्ट्रियों के दूषित जल से चौका नदी के जलीय जीव तबाह

रामपुर मथुरा सीतापुर । क्षेत्र से निकली चौका नदी में दूषित पानी छोड़ जाने से जलीय व जंगली जीव तबाह हो गए हैं एक तरफ सरकार जल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कठोर से कठोर कदम उठा रही है तो दूसरी ओर नदियों में विसवां की फैक्ट्रियों के द्वारा दूषित जल छोड़े जाने से पानी दूषित व जहरीला होता जा रहा है ।
इससे पर्यावरण को भी काफी नुकसान हो रहा है । आपको बता दें कि जब नदी पर जाकर मछुआरों से बात की गई तो उन्होंने बताया की चार पांच माह से नदी का पानी जहरीला तथा दूषित होता जा रहा है जिससे नदी की मछलियां या तो आगे की ओर भाग जाती हैं या उसी में मर कर सड़ जाती हैं जिससे हम लोगों की रोजी रोटी का संकट हो गया है।
आपको बता दें कि वर्तमान में रामपुर मथुरा क्षेत्र में चौका नदी का जल गाढ़ा काला हो गया है । मछुआरों ने बताया कि उन्होंने मत्स्य ठेकेदार अनिल कश्यप को अवगत करा दिया है जब मीडिया ने ठेकेदार अनिल कश्यप से बात की तो पता चला कि द सेकसरिया शुगर फैक्टरी लिमिटेड विसवां, और तंबाकू तथा दरी फैक्ट्रियों का दूषित जल एक नाले के माध्यम से जहांगीराबाद पुल के पश्चिम खुले आम केवानी नदी में 7 जनवरी 2020 को गिराया गया था जो निरंतर बता हुआ रामपुर मथुरा क्षेत्र की चौका, गोबरहिया आदि नदियों को दूषित करता है जिससे काफी मछलियां मर गई हैं, और कुछ मछलियां भाग गई हैं और विभाग के ठेकेदार का लगभग 2000000 (बीस लाख) रुपए का नुकसान हुआ है ठेकेदार ने बताया हमारे सैकड़ों मछुआरों व समिति की रोजी रोटी का संकट आ गया है उन्होंने बताया कि 7 जनवरी 2020 से लगातार पत्राचार, जन सुनवाई , मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आदि के माध्यम से सक्षम अधिकारियों को सूचित कर रहा हूँ,परंतु आज तक शुगर फैक्टरी,दरी व तम्बाकू फैक्ट्री के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई है । इस संबंध में जब मीडिया टीम ने जिला सहकारी मत्स्य विकास एवं विपणन फेडरेशन लिमिटेड सीतापुर के सचिव डॉ रामकुमार कश्यप से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा विभागीय अधिकारियों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिलाधिकारी सीतापुर को फोन व पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है इस दूषित जल से मछलियों के साथ-साथ अन्य जलीय जंतुओं की भी हानि हुई है, तथा प्रतिबंधित जलीय जीवों को भी इस दूषित जल से खतरा है ।
अब देखना है कि जनपद के सक्षम अधिकारी नदियों को दूषित करने वाली फैक्ट्रीयों पर कोई कार्यवाही करते हैं या यूँ ही लीपापोती करके मामले को रफा दफा करने में कामयाब होते हैं