कोटा निलम्बन मामले ने लिया नया मोड़, 20 मई तक बहाल न होने पर ग्रामीण करेंगे धरना

भारत पोस्ट ब्यूरो
उन्नाव। विकास खंड के ग्राम उम्मीदों के सहर में बीते माह निजी विवाद को लेकर कुछ ग्रामीणों ने कोटेदार के खिलाफ शिकायती पत्र दिया था जिसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने बिना जांच किये कोटा निलंबित कर दिया। मामले में मुख्य बात का वक्त सामने आई जब कोटदर नरेंद्र कुमार में बताया कि पूर्ति निरीक्षक ने प्रतिमाह 2 हजार की मांग को पूरा करने से मना किया जिससे गुस्साए पूर्ति निरीक्षक ने रवि शर्मा ने कोटा निलंबित कर दिया।
बताते चलें कि उम्मीदों के शहर का कोटा निलम्बित होने के बाद ग्राम के सैकड़ो से अधिक की संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था जिसमे हिन्दू जागरण मच ने ग्रामीणों की समस्या को सुन कर जिलाधिकारी से मिल ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया था जिसके बाद जिलाधिकारी में एक सप्ताह में कोटा बहाल करने के अस्वासन के बाद ग्रामीण घर वापस लौट गए। जिलाधिकारी के अस्वासन के 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोटा बहाल न होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया और जिलाधिकारी को एक पत्र लिख दिया जिसमे ग्रामीणों ने 20 मई तक कोटा बहाल करने को कहा। 20 मई तक कोटा बहाल न होने पर 29 मई को जिलाधिकारी कार्यालय में धरना देने की बात कही गई है। कोटा निलंबन मामले में ग्रामीणों में पत्र में कोटेदार से राशन पूरा मिलने व समय से मिलने को बात कही है साथ ही जिस दुकान में उम्मीदों के शहर का कोटा सम्बन्द्ध किया गया है वह 7 किमी दूर होने के चलते समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को झूठी सूचना पर व पूर्ति निरीक्षक के प्रति माह दो हजार की मांग न पूरी होने पर द्वेष वीएएस कोटा निलम्बित किया गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को धमकी भरे लहजे में बताया कि कोटा बहाल करें। नही तो 29 मई से जिलाधिकारी कार्यालय में ग्रामीण धरना करेंगे।