आखिर क्यों 43 घण्टे बीत जाने के बाद नही दिया गया पत्रकार दिनेश पांडेय का शव एक पत्रकार को मरने के बाद नहीं मिल पा रहा न्याय

 

गगन मिश्रा पड़रिया तुला
नगर खुटार के मोहल्ला बगियानाथ में रहने बाले पत्रकार दिनेश पाण्डेय का बीमारी के चलते मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर में शुक्रवार की सुबह तड़के चार बजे इलाज के दौरान निधन हो गया था। जहां डॉक्टरों ने उनके परिजनों को उनका शव देने से मना कर दिया कहां पहले कोरोना की जांच होगी रिपोर्ट आ जाने के बाद उनका शव आप लोगों को दिया जाएगा।लेकिन उनकी मौत के बाद 43 घंटे बीत जाने के बाद भी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।अभी तक उनके परिजनों को पत्रकार दिनेश पांडे का पार्थिव शरीर नहीं दिया गया। स्वास्थ्य विभाग कि इस घोर लापरवाही के चलते पत्रकारों में काफी रोष व्याप्त है।पत्रकार दिनेश पांडे जी ने समाचार पत्र अमर उजाला में करीब बारह वर्ष तक एवं कई अन्य समाचार पत्रों से जुड़े रहकर लोगों को सच का आईना दिखाया है।समाजसेवा की गरीबो का दुख दर्द बांटा उनकी आबाज को अखबार के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचाया।और उन मजबूर गरीबो को इंसाफ दिलाया।जिसका उन्हें उनकी मौत के बाद यह सिला दिया जा रहा है।कि 43 घंटे बीत जाने के बाद उनके शब का अंतिम संस्कार उनके परिजन नहीं कर पा रहे हैं।आखिर कब तक कोरोना की जांच रिपोर्ट शाहजहांपुर पहुंचेगी और कब उनका शव उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।और मरने के बाद उनकी आत्मा को शांति मिले। सभी पत्रकारों से एकजुट होने की अपील की जाती है ताकि दिनेश जी के परिवार वालों को उनका पार्थिव शव मिल सके और दिनेश जी की आत्मा को शांति हम लोगों के लिए यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी दिनेश जी के लिए।