देश में 31 मई तक जारी रहेगा लॉकडाउन 4

कोरोना वायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ा दी गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार (17 मई) शाम को यह जानकारी दी। एनडीएमए ने कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की तरफ भारत सरकार/राज्य सरकार और राज्य अथॉरिटीज को लॉकडाउन बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन को बढ़ाने की जरूरत है। एनडीएमए के सदस्य सचिव जी.वी.वी. शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रवधान 6(2)(आई) के तहत प्राप्त अधिकार का उपयोग करते हुए एनडीएमए भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों और राज्य के प्राधिकारों को लॉकडाउन के तहत लागू नियमों को 31 मई तक जारी रखने का निर्देश देता है।वहीं, गृह मंत्रालय ने भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों के अंतर्गत प्रशासन के लिए कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए उपायों पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इन चीजों पर प्रतिबंध जारी
1. घरेलू हवाई एंबुलेंस को छोड़कर सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर 31 मई तक रोक बरकरार रहेगी।
2. मेट्रो रेल सेवाएं, स्कूल, कॉलेज 31 मई तक बंद रहेंगे।
3. होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल, तरण ताल (स्वीमिंग पूल), जिम 31 मई तक बंद रहेंगे।
4. सभी सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रम, प्रार्थना/धार्मिक स्थल लॉकडाउन विस्तार की अवधि में 31 मई तक बंद रहेंगे।

इंटरस्टेट बसों के साथ ही जोन तय करने का अधिकार राज्यों को
1. कोविड-19 लॉकडाउन 4.0 के दौरान राज्यों की परस्पर सहमति से अंतरराज्यीय यात्री वाहनों, बस सेवाओं की आवाजाही को अनुमति दी जा सकती है।
2. राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने यहां कोरोना वायरस संक्रमण के हालात को देखते हुए रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन बनाने का अधिकार दे दिया गया है।
3. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन अपने यहां रेड और ऑरेंज जोन में ‘निषिद्ध’ और ‘बफर’ जोन चिह्नित करेगा।

नाइट कर्फ्यू
आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, अन्य सभी लोगों के लिए शाम सात बजे से सुबह सात बजे के बीच देश भर में घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी होगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था। उसके बाद कोरोना महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में गत 25 मार्च से पूर्णबंदी लागू है और इसके तीन चरण पूरे हो चुके हैं। पहला चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल, दूसरा 15 अप्रैल से तीन मई और तीसरा चरण चार मई से 17 मई तक था। आज के एनडीएमए के आदेश के साथ सोमवार (18 मई) से लॉकडाउन 4.0 शुरू हो गया है।

लॉकडाउन का पहला चरण
पहले चरण में केवल आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर लगभग ज्यादातर गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध था। सार्वजनिक परिवहन भी पूरी तरह बंद कर दिया गया था।

लॉकडाउन का दूसरा चरण
दूसरे चरण में कुछ ढील देते हुए जरूरी सामान की आपूर्ति के साथ साथ गैर जरूरी सामान की आपूर्ति को भी कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। इसी के अनुरूप ट्रकों आदि को एक से दूसरे राज्य में जाने की ढील भी दी गई थी।

लॉकडाउन के तीसरा चरण
तीसरे चरण में पूरे देश को संक्रमण की स्थिति के आधार पर तीन चरणों रेड, ओरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया था। रेड जोन को भी कंटेनमेंट और गैर कंटेनमेंट क्षेत्रों में बांटा गया था।

देश में कोरोना मरीजों की कुल तादाद 90 हजार के पार
भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या रविवार (17 मई) को बढ़कर 90,927 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार सुबह जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 2872 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 53,946 व्यक्ति महामारी से संक्रमित हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 4987 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 120 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं, कोरोना से संक्रमित 3956 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ऐसे लोगों की संख्या 34,109 (1 माइग्रेटेड) पर पहुंच गई है।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौत
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार (17 मई) सुबह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस का प्रकोप देश
के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है। कोविड-19 से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित महाराष्ट्र में अब तक
1135 मौतें हुई हैं, जबकि मध्यप्रदेश में 243 लोगों को इस वायरस ने लील लिया है। वहीं, गुजरात में संक्रमण के चलते
625 और दिल्ली में 129 लोगों की जान गई है। कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले 30706 महाराष्ट्र से ही आए हैं। इसके बाद 10988 मामलों के साथ गुजरात दूसरे, जबकि 10585 मामलों के साथ तमिलनाडु तीसरे और 9333 केस के साथ दिल्ली चौथे स्थान पर है।