विद्यालयों में खुलेंगे क्वारंटाइन सेंटर

 

मोतिहारी। प्रवासी मजदूरों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए क्वारंटाइन सेंटर की संख्या बढ़ायी जा रही है। अब सरकारी विद्यालयों का उपयोग क्वारंटाइन सेंटर के रूप में किया जाएगा। इसके लिए केन्द्रों के समुचित प्रबंधन की जिम्मेवारी स्कूल हेड के नेतृत्व में स्कूल प्रबंधन की होगी। यह निर्देश डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने सोमवार को समाहरणालय स्थित वीसी कक्ष में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बीडीओ को दिया।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के गाइडलाइन के अनुसार क्वारंटाइन सेंटर पर भोजन,नाश्ता व अन्य सुविधाएं मुहैया करानी होगी। जिला स्तर से पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है जो प्रतिदिन प्रतिदिन क्वारंटाइन केन्द्र पर पर्यवेक्षण व अनुश्रवण कर दी जा रही सुविधाओं की पड़ताल करेंगे। इसके साथ इन केन्द्रों पर रह रहे लोगों से बातचीत कर उनको दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
किसी तरह की समस्या आने पर उसका निवारण भी करेंगे। सभी बीडीओ आवासित प्रवासी श्रमिकों के आधार नंबर का डाटा तैयार कर अविलंब उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति से निपटने में जुटे अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के कार्यों की सराहना की। मौके पर एसपी नवीनचंद्र झा, सीएस डॉ. रिजवान अहमद आदि थे।

डिग्निटी किट को 66 लाख का आवंटन: मोतिहारी। जिले के क्वारंटाइन सेंटर पर आवासित प्रवासी श्रमिकों के डिग्निटी किट के लिए 66 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। इस राशि से इन केन्द्रों पर रह रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये की दर स से वस्त्र आदि पर खर्च की जाएगी। वहीं इनके भोजन के लिए दो बार में 56.24 लाख रुपये का भुगतान शहरी निकाय व अंचलों में किया गया है।
प्रवासी श्रमिकों को लाने व प्रखंड क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंचाने के लिए दो बार में 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी को 5.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। डीटीओ के द्वारा परिवहन कार्य के लिए 50 लाख रुपये का डिमांड किया गया है। जानकारी अपर समाहत्र्ता (आपदा प्रबंधन) अनिल कुमार ने दी।