बिहार: कांग्रेस और राजद की गैर मौजूदगी में उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी के बीच हुई बैठक

 

पटना । लॉकडाउन के बीच बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर अब राजनीतिक गलियारे में भी हलचल तेज हो गई है। राजधानी पटना में मंगलवार को महागठबंधन में शामिल रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और हम प्रमख जीतन राम मांझी वीआईपी कार्यालय पहुंचे और मुकेश सहनी से मुलाकात की। इस मौके पर कांग्रेस और राजद का कोई नेता मौजूद नहीं था।
मुलाकात खत्म होने के बाद जब उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी बाहर  निकले तो उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जो भी कहना है मुकेश सहनी ही कहेंगे।
वहीं जब पत्रकारों से मुकेश सहनी से बात की तो उन्होंने बताया कि हम तीनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर बात हुई लेकिन सबसे महत्वपूर्ण जिस विषय पर बात हुई वह दूसरे राज्यों से बिहार लौट रहे प्रवासी  मजदूरों को लेकर है।

लॉकडाउन के बीच चुनावी तैयारियों में जुटा राजद
राजद ने लॉकडाउन के बीच चुनावी तैयारियां शुरू कर दी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने जूम एप्लीकेशन के माध्यम से सोमवार को पार्टी के जिलाध्यक्षों से बात की। पार्टी नेताओं ने जिलाध्यक्षों को बाहर से आ रहे मजदूरों की परेशानी पर ध्यान देने का निर्देश दिया। साथ ही, बूथ कमेटी बनाने की प्रगति की भी समीक्षा की। नेता प्रतिपक्ष ने जिलाध्यक्षों से कहा कि वह अपने क्षेत्र में बाहर से आ रहे मजदूरों की परेशानी दूर करने में कोई कसर नहीं छोड़े। जहां भी उन्हें बस या ट्रेन से उतारा जाता है, वहां उनके स्वागत में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उपस्थित रहे। साथ ही उनका उत्साह बढ़ाने का प्रयास करें। काफी संकट लेकर ये मजदूर अपने घर पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनका मनोबल न गिरे, इसपर ध्यान रखें।

उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन सेन्टरों पर भी जिले के साथी नजर रखें। सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं उनको मिल रही है या नहीं। उनकी परेशानी को अपने स्तर से भी कम करने का प्रयास करें। उन्होंने बूथ कमेटी के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश सभी जिलाध्यक्षों को दिया। साथ ही कहा कि बूथस्तर पर मजबूत साथियों को जोडकर कमेटी बनाएं। रमजान का महीना होने के कारण कुछ जिलों के अध्यक्ष एप्लीकेशन से नहीं जुड़ सके। लिहाजा उन जिलाध्यक्षों से अलग से बात करने के लिए एक बार फिर बैठक होगी।