समाजसेवियों ने की किसानों के जलपान की व्यवस्था।। खुश किसानों ने समाजसेवियों को दिल से दी दुआ।

गगन मिश्रा पड़रिया तुला ।
3 दिन से भयंकर जाम में फंसे और बहुत धूप तब रहे किसानों के दर्द को खबरों में प्रकाशित होने के बाद क्षेत्र के कुछ समाजसेवियों ने मदद के लिए खुद ही आगे आकर हाथ बढ़ाए जिसमें समाजसेवियों ने धूप में तब रहे किसानों के लिए संभव जलपान की व्यवस्था की हालांकि कई किसानों व समाजसेवियों ने किसानों को पीने के पानी बकेट जलपान की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था लेकिन मिल प्रशासन द्वारा कोई सहयोग या सुविधा ना मिलने के बाद क्षेत्र के बड़े किसानों व वरिष्ठ समाजसेवी अपने विचार विमर्श करने के बाद किसानों के जलपान की व्यवस्था की कस्बे के डॉक्टर व सम्मानित किसान सत्येंद्र यादव जी ने बताया कि मिल गेट से लेकर जितनी भी दूरी तक ट्रैक्टर ट्राली नजर आए वहां तक एक-एक चालक व राहगीरों तक को जलपान कराया गया। यादव जी ने बताया कि मिल प्रबंधन के तरफ से पीने के स्वच्छ पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई जबकि मिल प्रशासन से वार्ता में महाप्रबंधक दावा कर रहे हैं कि परिसर के अंदर भरपूर मात्रा में पेयजल उपलब्ध है और किसानों की समस्या को बराबर गंभीरता से लेकर निदान किया जा रहा है सत्यता पता करने कई किसानों ने बताया कि मिल प्रशासन गलत कह रहा है खानपान की कोई व्यवस्था नहीं है और ना ही धूप से बचने की कोई व्यवस्था यहां तक कि किसान पानी तक के लिए तरस रहे।छोटे मझोले किसान अपने वाहनों लाईन में लगाने के लिए कई दिक्कतों का सामना कर रहे हैं

चिल चिलाती धूप में तड़प रहे किसानों का दर्द छलका तो क्षेत्र के किसान समाजसेवी प्रधान आये आगे। जाम की वजह से आवागमन भी बाधित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बहुत प्रबल है
किसानों को जलपान उपलब्ध कराने में जो महानुभाव शामिल रहे उनमें प्रमुख रूप से
श्यामल सिंह, रामजीत सिंह गन्ना सोसाइटी डारेक्टर, जितेंद यादव, डॉक्टर सत्येन्द्र यादव, राधेश्याम सिंह, प्रेम गुप्ता, महेंद्र प्रजापति, प्रवीण गोयल, राम निवास यादव सहित अन्य लोगों ने जाम में फसे किसानों का दुख दर्द साझा करके हर संभव जलपान उपलब्ध कराया और एक एक किसान को यह भी बताया कि आगे भी खाने-पीने की कोई दिक्कत है तो किसी भी समय संपर्क करें खानपान की व्यवस्था आप तक तुरंत पहुंच जाएगी हम ऐसे समाजसेवियों की प्रशंसा अनुशंसा करते हैं कि प्रशासन जिस गंभीर विषय पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया उसे संज्ञान में लेकर इन्होंने जनसामान्य की सेवा की