सूरा सो पहचानिए जो लडे दीन के हेत पुर्जा-पूरजा कट मरे कभी ना छोडे खेत

गंगा सिंह राठौड़ काठाडी
बाडमेर /जोधपुर

1971 के भारत-पाक युद्ध में उच्च कोटि की शूरवीरता व अदम्य साहस का परिचय देकर युद्ध जीतने वाले महानायकों में से एक महानायक हमारे जोधपुर में मांगलियावटी के सपूत निम्बो का तालाब निवासी वीर चक्र विजेता श्री मंगल सिंह जी सिसोदिया पर हमें बहुत अभिमान है। हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं ।आपने अपने साथ साथ भारत का भी गौरव बढ़ाया है ।युद्ध के दौरान आपका शरीर शत्रु की गोलियों से छलनी हो गया था ।और एक गोली तो आपके सीने के दायीं तरफ से होती हुई आरपार हो गई थी । आप 2-3 महीनों तक मरणासन्न अवस्था में अस्पताल में रहे लेकिन अपनी अदम्य जिजीविषा और मां भगवती करणी माता एवं श्री मेहोजी महाराज की कृपा से आप धीरे-धीरे स्वस्थ हो गए ।
भारत के इतिहास में आप उन विर योद्धाओं में शामिल हैं, जिन्हें जीवित रहते वीर चक्र मिला है‌। आमतौर पर मरणोपरां
हमें सदैव खेद रहेगा की कोरोना महामारी के कारण सेना द्वारा इस योद्धा को *गॉर्ड ऑफ ऑनर* नहीं दिया जा सका
ऐसे महान योद्धा का स्वर्ग सिधार जाना हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। जिसे कभी पूरा नही किया जा सकेगा । परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें ।
जय हिंद ??