प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास व पंचायतीराज ने लिया विकास योजनाओं का स्थलीय जायजाः

 

उन्नाव (सू0वि0) वैश्विक महामारी में लागू लाॅकडाउन के दौरान मजदूरों की स्थिति जानने पहुंचे प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास व पंचायतीराज ने मनरेगा जाबकार्ड धारकों को हर हाल में 100 दिन का रोजगार देने का आदेश दिया। उन्होंने आवासहीन और पेंशन की शिकायत लेकर आई वृद्धा के साथ उसके घर गए और उसकी समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया।  ग्राम्य विकास व पंचायतीराज प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने आज विकास खंड हसनगंज में बने मनरेगा कम्प्यूटर कक्ष पहुंचे। यहां पर मौजूद ए पी ओ आशीष कुमार से मनरेगा योजना में चल रहे कामों और उसमें लगे मजदूरों की संख्या की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि विकास खण्ड में अब तक 8419 मजदूरों ने काम के लिए आवेदन किया। प्रमुख सचिव के यह पूछने पर कि इनमें से कितनों को काम दिया गया तो ए पी ओ सही जानकारी नहीं दे पाए। नजदीक में खड़े बी0डी0ओ0 के0एन0 पांडेय ने जानकारी दी। इस पर प्रमुख सचिव ने मनरेगा ए पी ओ को कड़ी फटकार लगाते हुए दो घंटे तक कम्प्यूटर कक्ष में जांच की।  जांच के दौरान ही आदमपुर भांसी केे मजरे जाजूमऊ की निराश्रित महिला गायत्री पहुंच गई। प्रमुख सचिव ने खुद ही वृद्धा का शिकायतीपत्र लिया। निराश्रित ने बताया कि पात्र होने के बावजूद अभी तक प्रधान संतोष सिंह ने उसका नाम आवास सूची में नहीं लिखा। इस पर प्रमुख सचिव वृद्धा के साथ उसके घर पहुंच गए। उन्होंने घर का निरीक्षण किया और पात्र होने पर बी डी ओ को उसे आवास व पेंशन दिलवाने का आदेश दिया। बाद में विकासखंड की ही ग्राम पंचायत जखैला में मनरेगा के तहत हो रहे तालाब सौंदर्यीकरण में लगे 83 मजदूरों से जानकारी ली। प्रधान को निर्देश दिया कि जो भी मजदूर काम मांगने आते हैं तो उसे काम जरुर दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मजदूरों को हर हाल में 100 दिन का रोजगार दिया जाए। बताया कि प्रदेशस्तर पर अब तक 39 लाख मजदूरों को काम दिया जा चुका है। जिसको 50 लाख तक पहुंचाने का प्रयास चल रहा है। मनरेगा के तहत बन रहे नाले के कार्य को देखा तथा स्थाई शौचालय लक्ष्य के अनुरूप बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डा0 राजेश कुमार प्रजापति, उप जिलाधिकारी श्री प्रदीप कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री राजेन्द्र यादव सहित सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।