स्टाफ नर्स की लापरवाही के चलते हुई प्रसव के दौरान मौत

गगन मिश्रा पड़रिया तुला
जहां पूरे दुनिया डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप बताते हैं वहीं कुछ डाक्टरों व स्टाफ ने दिल्ली में ऐसा दलदल फैलाया है जिससे लोगों का डॉक्टरों पर से भरोसा उठने लगा है लगभग हर रोज कोई ना कोई केस आता है जिसमें डॉक्टर कंपाउंडर नर्स बिना पैसे लिए मरीज की तरफ देखते भी नहीं है पिछले दिनों में बिजुआ में दो दंपत्ति द्वारा 12 सो रुपए लेने की बात हुई थी काफी दबाव के बाद ₹1000 वापस कर दिए थे लेकिन सवाल पैसों का नहीं है सवाल जान का है अगर कोई भी मरीज इलाज के पैसे देने में सक्षम नहीं है तो डॉक्टर का कर्त्तव्य बनता है कि आप महीने में लाखों कमाते हैं तो एक-दो मरीजों का निशुल्क इलाज भी कर सकते हैं लेकिन ऐसा होता नहीं है बहुत से लोग तो इलाज के लिए अपनी जमीन जगह मकान सब कुछ भेज देते हैं फिर भी मरीज ठीक नहीं हो पाता
ताजा मामला भी विकास क्षेत्र बिजुआ के अंतर्गत आने वाले भीरा का है जहां करोना महामारी में पैसे के लिये भूखी बैठी बिजुआ ब्लाक की सरकारी स्वास्थ्य सेवा नही मानती है सीएम के आदेश क्योकि जिले पर बैठे विभाग के आकाओं को जाता है गुलाबी नोट का चढ़ावा
प्रसूता के भाई से वसूले गए स्टाफ नर्स के द्वारा 1000 रुपये देवा टांडा निवासीसर्वेश सिंह (देवा टांडा )ने बताया आज ही अपनी पत्नी को लेकर भीरा पीएचसी आये थे जहाँ स्टाफ की लापरवाही के चलते बच्ची की मौत हो गयी हद तो तब हुई जब स्टाफ़नर्स ने पैसे मांगे तब हमने अपने साले विमल सिंह ने पैसे लेने का कारण पूछा किस बात के रुपये तो बताया जिले तक जाता है ये रुपये सीएचसी में सब लेते है वहाँ कोई क्या बोलता है  प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना प्रचार प्रसार अभियान के जिला उपाध्यक्ष विमल सिंह ने अपना कार्ड दिखाया तो बोली यहाँ पैसा पड़ेगा आप कोई भी हो क्योकि हमारे ऊपर के अधिकारी पैसा लेते है तो इस पर विमल सिंह ने सीएचसी प्रभारी व सीएमओ खीरी को कॉल किया तो स्टाफ़नर्स ने अपना नाम बताना उचित नही समझा देखना है क्या कार्यवाही होती है या फिर चढ़वा लेकर मसले को दबा देगे सीएमओ खीरी भीरा पीएचसी में इलाज करने या डिलेवरी के लिये आना है तो कुछ इस तरह की फीस अदा करनी पड़ेगी*
1 दाई के लिये 200 रुपये*
2 साफ सफाई के लिये स्वीपर के 50 रुपये*
3 प्रसूता की डिलेवरी करने वाली स्टाफ नर्स को 800 रुपये जिसमे सीएचसी प्रभारी का हिस्सा व जिले में बैठे आलाधिकारियों का हिस्सा* आशा ने भी बताया कि सभी मरीजों से 500- 500रुपये लिया जाता है पीएचसी व सीएचसी केंद्र पर नही होता कही भी निःशुल्क प्रसव वहीं सीएचसी प्रभारी का कहना है के कुछ लोग साजिशन बिजुआ अस्पताल को बदनाम कर रहे हैं क्योंकि अस्पताल स्टाफ उनका किसी भी खास आदमियों का इलाज को प्राथमिकता नहीं देता है और डॉक्टर के लिए सभी मरीज एक समान होते हैं ना कोई विशेष ना कोई गरीब इसलिए नियमानुसार इलाज होगा जिससे क्षुब्ध होगा अनर्गल आरोप लगाते हैं और मनगढ़ंत खबर लगाते हैं