बिहार के लखीसराय जिले में मनकठा का इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर

राजीव कुमार झा
बिहार के लखीसराय जिले के मनकठा स्टेशन के पास स्थित चौकी गाँव के किसी पुराने टीले से वहाँ अपने संगी साथियों के साथ गुल्ली डंडा का खेल खेलने के दौरान अशोक नाम के जिस बालक को एक विशाल शिवलिंग के धरती के भीतर स्थित होने का आभास हुआ उस स्थल पर कालांतर के उत्खनन से किसी प्राचीन मंदिर के अवशेष सामने आये और यहाँ के निवर्तमान इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना इसी ऐतिहासिक धर्मस्थल पर की गयी है . लखीसराय के पास मनकठा इस प्रकार हरोहर नदी के पावन तट पर स्थित प्राचीन धर्मस्थल है और यहाँ बिहार सरकार के पुरातत्व विभाग के द्वारा कालांतर में की गयी खुदाइयों से काफी संख्या में देवी देवताओं की मूर्तियों के अलावा विपुल परिमाण में किसी ध्वंश और भग्न मंदिर के अवशेष भी प्रकाश में आये हैं .  पुरातत्वविदों के अनुसार मनकठा के चौकी गाँव में यहाँ शिव मंदिर की स्थापना आठवीं शताब्दी ईस्वी सन् में बंगाल के तत्कालीन पालवंशीय राजाओं के द्वारा की गयी थी और बारहवीं शताब्दी ई . सन् में तुर्क आक्रमण से संभवत: इसका विध्वंश हो गया था .  यहाँ प्राचीन मंदिर के भूगर्भीय पुरावशेषों के उजागर होने के बाद 1993 में जगन्नाथपुरी के शंकराचार्य की उपस्थिति में एक नये शिव मंदिर का निर्माण जन सहयोग से शुरू किया गया और अब यहाँ शिव मंदिर के अलावा पार्वती मंदिर और दुर्गा मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है . इसके अलावा सुंदर नंदी मंडप भी यहाँ स्थापित किया गया है .  यह मंदिर इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है और बिहार में अशोक धाम के नाम से भी लोग इसे पुकारते हैं . पिछले कुछ सालों में मनकठा के पास चौकी में इस मंदिर की स्थापना से यहाँ काफी विकास हुआ है और बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए धर्मशालाएँ भी बनवायी गयी हैं .  यहाँ दानापुर रेल मंडल के द्वारा कुछ साल पहले एक हाल्ट भी स्थापित किया गया है लेकिन इसके विकास पर समुचित ध्यान देने की जरूरत  इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के आसपास का इलाका अपनी सुंदरता से सबको आनंदित करता है . यहाँ के हरे भरे बाग बगीचे खेत खलिहानों में फैली प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता यहाँ आने वाले तमाम लोगों के मन को शांति से भर देती है