नाम फर्जी, पता भी फर्जी, अनामिका शुक्ला तुम कहां हो?

 

अनामिका शुक्ला ने पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग को चकरघिन्नी बना रखा है। कासगंज में पकड़ी गई शिक्षिका को भी पहले अनामिका शुक्ला समझा गया था लेकिन बाद में उसका नाम सुप्रिया निकला। उधर पांच जून को सहारनपुर के जनकपुरी थाने में एक और अनामिका शुक्ला के खिलाफ एफआईआर करा दी गई। इस अनामिका का मैनपुरी कनेक्शन बताया गया लेकिन इसका जो पता एफआईआर में दर्ज किया गया है उस पते पर शुक्ला जाति का कोई भी व्यक्ति रहता ही नहीं है। पूरे गांव में अनामिका नाम की कोई महिला भी नहीं है। यह खुलासा होने के बाद अब पुलिस चकरघिन्नी बनने लगी है। इधर मैनपुरी पुलिस ने भी इस प्रकरण पर स्वत: संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। 25 जिलों में अनामिका शुक्ला तैनात है और वेतन ले रही है। सोशल मीडिया पर पिछले दस दिनों से यह मामला वायरल हो रहा है। तीन दिन पहले बेसिक शिक्षा मंत्री ने संज्ञान लेकर कथित अनामिका शुक्ला को बर्खास्त करने और कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। इस बीच सोमवार को कासगंज में अनामिका शुक्ला के अभिलेख पर नौकरी करने वाली एक शिक्षिका को बीएसए कार्यालय से पकड़ लिया गया। चर्चा फैल गई कि अनामिका शुक्ला पकड़ी गई लेकिन यह अनामिका नहीं थी बल्कि यह सुप्रिया थी जो फर्रुखाबाद के कायमगंज की रहने वाली है। इस सुप्रिया के बारे में भी पहले कहा गया कि यह मैनपुरी की निवासी है लेकिन बाद में फर्रुखाबाद का निवासी होने की पुष्टि हो गई। सहारनपुर में नियुक्ति के समय दिया मैनपुरी का पता मैनपुरी। उधर पांच जून को सहारनपुर जनपद के जनकपुरी थाने में अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाषचंद्र शुक्ला निवासी हसनपुर थाना भोगांव मैनपुरी के खिलाफ एक और एफआईआर कराई गई है। सहारनपुर के बालिका शिक्षा जिला समंवयक आदित्य नारायण शर्मा ने यह एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि इस अनामिका शुक्ला ने अगस्त 2019 से लेकर जनवरी 2020 तक एक लाख 17 हजार रुपये का मानदेय भी हासिल कर लिया। यह अनामिका फर्जी है इसकी भनक किसी को नहीं लगी। खास बात यह है कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सहारनपुर के मुजफ्फराबाद स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तैनात इस कथित अनामिका ने व्हाट्सएप पर अपना इस्तीफा वहां की वार्डन को भेज दिया।

बागपत में पा ली नियुक्ति पर नहीं निकाल सकी वेतन

मैनपुरी। जांच के दौरान कथित अनामिका शुक्ला का एक और जिले से कनेक्शन सामने आया है। कस्तूरबा बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला ने बागपत में भी नियुक्ति हासिल कर ली थी। दिसंबर 2019 तक वहां अनामिका की नियुक्ति रही। 31 दिसंबर 2019 को तैनाती मिलने के बाद जनवरी माह का वेतन फरवरी में जारी हुआ लेकिन होली की छुट्टी पर अनामिका ने घर जाने की बात कहकर यह वेतन नहीं लिया। डिजिटल डाटाबेस में अभिलेख फर्जी होने के मामले का खुलासा हुआ तो बागपत में इस अनामिका ने अपना इस्तीफा भेज दिया। बीएसए बागपत राजीव रंजन मिश्र ने बताया कि फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति पाने के मामले की जांच उन्होंने शुरू करा दी है। बागपत से शिक्षिका का वेतन जारी नहीं हुआ है। शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है। मैनपुरी के किसी भी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका तैनात नहीं है। न पूर्व में इस नाम की किसी महिला की तैनाती हुई है। यह जांच करा ली गई है। विजय प्रताप सिंह, बीएसए मैनपुरी मामला उनके संज्ञान में तो है लेकिन इस संबंध में जांच का कोई लिखित आदेश उनके पास नहीं है। फिर भी वह भोगांव क्षेत्र के सीओ होने के नाते मामले की जांच कराएंगे। हसनपुर में अनामिका रहती है या नहीं, इसकी रिपोर्ट मंगाई जा रही है। प्रयांक जैन, सीओ भोगांव अनामिका शुक्ला मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हसनपुर में रहती है, यह जानकारी उनके पास आई थी। लेकिन इस तरह की कोई महिला इस गांव में नहीं पाई गई है। मैनपुरी के जिस राज का नाम कासगंज से निकलकर आया है उसकी तलाश कराई जा रही है।अभयनरायन राय, सीओ मैनपुरी