काला सोना माफिया का बढ़ता मायाजाल 

कर्मपाल सिंह सवाली
पाली- मारवाड़ एवं मेवाड़ में अफीम के दूध की तस्करी काला सोना माफिया का बढ़ता मायाजाल अभी भी बरकरार है। खुफिया सूत्री अनुसार इस काला सोना के हजारों शौकीन पहले ग्रामीण सभाओ में अपने दोस्त मित्रों रामा- सामा करके एक-दूसरे को इस काले सोने की मनवार करने की परम्परा बहूत पहले की है। अभी लाकडाउन के चलते हुए हजारों नशे के सेवन करने वाले सैकड़ो घर बर्बाद हो गए है अनेक लोग इस नशे मे आपनी जीवनशैली को इस नशे के गहरे समुद्र मे डुबो रहे है फिर भी इस पर काबू पाने मे सम्बन्धित विभाग नाकाम ही रहा है । आजकल नशे के माफियाओं ने अपने मेवाड़ और मारवाड़ के अनेक ग्रामीण अंचलों में अपने दलाल रखे हुए हैं। जो कि नशा करने वाले को घरों में जाकर पहुंचा रहे है काला सोना नशा किंग ने जो भी दलाल रखे हुए हैं। वह ज्यादातर अपराधीकरण गुंडा माफिया जिनको राजनीतिक नेताओं का भी मजबूत संरक्षण होने के कारण उनको पुलिस भी हाथ डालने से  कतराती है। राजसमंद जिले के अन्य क्षेत्र में की हीरोइन बाऊन सूगर की उच्च शिक्षा पढ़ने के बाद हजारों युवा इस काले-सोने के नशे का शिकार होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे है।हजारों किसानो ने नशे के समुंदर में डुबो कर अपना जीवन बर्बाद कर दिया है ।इस नशे की दल-दल में हजारों ही बिमारीया से ग्रस्त है । ।लोगों ने सभी देश प्रदेश में आए खाली समय बैठकर इसका सेवन करते रहते हैं ।जब भी कोई गरीब आधा बोतल नशा लेकर कभी आता -जाता पकड़ा जाता है ।उसकी तलाशी लेने के लिए अपमान का सामना करना पड़ता है। आज नशा माफिया और इस माल की सप्लाई से तब से बड़ी बड़ी लगजरी बिलोरो अनुमानित गाड़ियां जिनमें नेताओं की शत्र छाया रहती है । गाड़ियों को पुलिस उनकी तलाशी नहीं करती वह चुपचाप गुमनाम वादियों में निकल कर इंसानियत की बस�
बस्तीयो में पहुंचकर मानवता का घाण कर रहे है ।इसके लिए अनेक बार इन नशा माफिया के विरुद्ध राजस्थान पुलिस ने अनेक बार नशा अभियान भी चलाया जिसमें हमेशा ही काला सोना के सफेदपोश गुमनाम रहते है। सिर्फ छोटे मोटे चोर पकड़े जाते है । उनके ज्यादातर प्यादे होते हैं ।शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन राजस्थान सरकार से मांग की इस नशे के सौदागरों के विरुद्ध खुफिया टीम द्वारा पड़ताल करके नशे के समुद्र को हमेशा ही जड़ से उखाड़