काशी विश्वनाथ मंदिर ने निभाई बड़ी भूमिका

 

पूरा देश कोरोना (Coronavirus) के खात्मे की लड़ाई में जुटा हुआ है. आम हो या खास, सभी लोग अपने-अपने तरीके से इस जंग में जिम्मेदारी निभा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिल रही हैं. काशी विश्वनाथ मंदिर की महिमा के अनेक किस्से आपने सुने होंगे. लेकिन कोरोना काल में बाबा दरबार से ऐसा काम हुआ कि बाबा का नया नाम दानवीर विश्वनाथ हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं. लॉकडाउन के जरिए देश में जिस कोरोना से जंग का आगाज हुआ तो ने अपने खजाने को खोल दिया. पीएम केयर फंड से लेकर मुख्यमंत्री राहत कोष में लाखों रुपए की मदद कर एक ओर जहां सरकार के हाथ मजबूत किए तो दूसरी ओर में फंसे पर्यटकों, गरीबों, असहायों का पेट भरा. एक वक्त जब जांच का दायरा और मजबूत करने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) को कुछ और मशीन खरीदने की बात आई तो सबसे पहले बाबा विश्वनाथ ने ही रुपए देने की पेशकश की थी. हालांकि बाद में उसकी जरूरत नहीं पड़ी. अब तक करीब एक करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च कर दी गई हैं. कोरोना से जंग अब भी जारी है और बाबा दरबार के खजाने का मुंह अब भी खुला हुआ है. अब भी बाबा का अन्नक्षेत्र चल रहा है. गरीब, बेसहारा का पेट बाबा दरबार से भरा जा रहा है. इस बात से एक बात तो तय है कि भविष्य में जब कोरोना की चर्चा की जाएगी तो बाबा विश्वनाथ की इस पहल की चर्चा भी होगी और अब बाबा अपने नए नाम से भी जाने जाएंगे. विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल काशी विश्वनाथ धाम का काम अब तेजी पकड़ चुका है. चूंकि अगस्त 2021 तक इस योजना को पूर्ण करके जनता को समर्पित करना है.