चुनाव की तैयारियों के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग

 पटना बिहार विधानसभा चुनाव की आहट की तेज होने लगी है। इसके साथ ही तेज होने लगा है राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा एक दूसरे पर कटाक्ष करने का दौर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री  पांच जिले के जेडीयू पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उन जिले के नेताओं के साथ डिजिटल तरीके से सीधी बात कर रहे हैं जेडीयू कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल सम्मेलन करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी चुनाव के लिए टिप्स भी दे रहे हैं। नीतीश कुमार अपने कार्यकर्ताओं को बता रहे हैं कि वो जनता के बीच एनडीए सरकार द्वारा किए गये 15 साल में विकास के कार्यों को बताएं। इसके साथ ही लालू-राबड़ी काल में किस तरह बिहार का विनाश हुआ, कैसे भष्टाचार कर लालू परिवार ने बिहार को बर्बाद किया, इसकी जानकारी भी जन-जन तक पहुंचाएं। आज जिन पांच जिलों में वर्चुअल कार्यकर्ता सम्मेलन किया जा रहा है उनमें मुजफ्फपुर, सिवान, गोपालगंज, सारण और वैशाली शामिल हैं।  बैठक में मुख्यमंत्री के साथ आरसीपी, मंत्री संजय झा, मंत्री अशोक चौधरी, सांसद ललन सिंह भी मौजूद हैं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। लालू यादव के पुत्र तेजस्वी यादव ने अपने पिता की तरह ही नीतीश कुमार को डरपोक साबित करने की कोशिश की है। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि कोरोना संकटकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था, ग़रीबों-श्रमिकों की स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री कोरोना के भय की वजह 84 दिन से घर में ही बंद है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के अकेले मुख्यमंत्री होंगे जो कोरोना काल में लोगों की सुध लेने के बजाए घर में बैठे हैं।
तेजस्वी ने नीतीश कुमार से कहा है कि‬ अगर उन्हें कोई डर है तो आगे-आगे वो उनके साथ चलने को तैयार हैं। नीतीश कुमार को अब घर से निकलना चाहिए क्योंकि ‬देशवासी कह रहे हैं कि बिहार के CM को डर लगता है। सिर्फ सरकारी मशीनरी और संसाधनों का दुरूपयोग करते हुए घंटों अपने नेताओं से वीडियो कांफ़्रेंस करते हैं। लेकिन आम जनता को आपने पूछा तक नहीं। तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन नीतीश जी जनता को ऐसे मत छोड़िए।।