खनन माफिया के लिए खतरा बन चुके सीओ

गगनमिश्रा पडरिया तुला
अपने निर्भय कार्यशैली से लगातार अपराधियों व तस्करों पर भारी पड़ रहे सीओ राकेश कुमार नायक को सम्मान की जगह मिला ट्रांसफर ऑर्डर।साबित हो गया कि कानून के हाथ अपराधियों से लंबे नही हैं अवैध खनन माफिया ने ऊंची पहुंच का फायदा उठाकर कुछ सफेद पेशों की संलिप्तता से सीओ का ट्रांसफर करवाया लखीमपुर खीरी के पलिया कलां में सीओ राकेश कुमार नायक ईमानदारी की मिसाल कायम करते हुए तस्कर व खनन माफियाओं के लिए लगातार मुसीबत बनते जा रहे थे।जिसके चलते अवैध काम करने वालों की दुकानें लगभग बंद हो चुकी थी। मगर हमेशा की तरह अपराधियो के हाथ कानून से लंबे होने के कारण कही न कही खाकी को ही अपनी ड्यूटी से ही हाथ धोना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सीओ राकेश कुमार नायक के साथ मे देखने को मिला। जहां सीओ के द्वारा अपराधियों व तस्कर एवं खनन माफियाओं के ऊपर लगातार हो रही कार्यवाही के चलते उक्त खनन माफियाओं एवं तस्करो की दुकाने लगभग बंद सी हो गयी थी।
सीओ के द्वारा अपराधियों के ऊपर लगातार धर पकड़ कार्यवाही के चलते।अपराधियों की आंख की किरकिरी बने सीओ राकेश कुमार का करवाया गया ट्रांसफर। आपराधिक कार्यो में लिप्त दलालों ने आज साबित कर दिया कि आज के समय मे ईमानदारी की कोई वैल्यू नही।
जहां कुछ दिन पूर्व बड़े पैमाने पर हो रहे खनन को लेकर सीओ के द्वारा की गई बड़ी कार्यवाही से अपराधियो के घाव भरे नही थे।
वही सीमा पर हो रही लगातार तस्करी को लेकर उक्त तस्करो के ऊपर बड़ी कार्यवाही की योजना बना रहे सीओ राकेश कुमार की जानकारी लीक होने पर सकते में आये तस्करो व खनन माफियाओं ने दलालो के माध्यम से सीओ का ट्रैफिक में कराया स्थानांतरण।
सीओ राकेश कुमार के स्थानांतरण होने के पश्चात फिर शुरू हुआ खनन व तस्करी का खुला खेल। जिसमे सीओ के स्थानांतरण के दिन से ही खनन माफियाओं ने किया श्रीगणेश शाम होने तक नगर में खुलेआम चलती दिखी बालू से लदी ट्रालियां। देखते हैं नए अधिकारी के आने के बाद कानून व्यवस्था में कुछ और परिवर्तन आएगा या व्यवस्था और भी चरमरा जाएगी