राजस्थान बोर्ड ने कहा, नए प्रश्न पत्रों की छपाई से नहीं बढ़ेगा आर्थिक बोझ

 

 

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डी पी जारोली ने स्पष्ट किया है कि नये प्रश्न पत्रों की छपाई से बोर्ड पर आर्थिक भार नहीं बढ़ेगा। जारोली ने अजमेर में एक अखबार में प्रश्न पत्र छपाई से बढ़ने वाले आर्थिक भार पर आधारित खबर के बाद स्पष्टीकरण देते हुये कहा कि कक्षा 12 के प्रश्न पत्रों के लिफाफों में कुछ केंद्रों पर संख्यात्मक एवं अन्य त्रुटियां पाई गई थी जिसका दायित्व प्रिंटर का है और वही पुन: निशुल्क नये प्रश्न पत्र छापकर देगा। बोर्ड ने उच्च न्यायालय व राज्य सरकार के निर्देशों के बाद कोरोना संक्रमण गाइडलाइन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए नये परीक्षा केंद्रों का गठन किया है। राज्य के विभिन्न जिलों के लिए करीब 521 नये परीक्षा केंद्र गठित किए गए है। इनमें सर्वाधिक 40 केंद्र जयपुर में तथा सबसे कम दो केन्द्र हनुमानगढ़ में है जबकि अजमेर में 24 केंद्र गठित किए गए है। ये नये उपकेंद्र वैकल्पिक स्थानों पर बनाए जाएंगे। इन नये केंद्रों पर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा प्रवेश पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध कर दिए हैं। डॉ. जारोली ने बताया कि 18 जून से पुन: प्रारंभ हो रही बोर्ड की परीक्षाओं के लिए कोरोना सुरक्षा के व्यापक उपाए किए गए है। बोर्ड प्रत्येक परीक्षा केंद्र को परीक्षार्थियों के लिए सैनेटाइज व्यवस्था के लिए 300 रुपये का भुगतान करेगा।