विद्यार्थियों के करियर, स्वास्थ्य को लेकर गंभीर – उच्च शिक्षा मंत्री

 

जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी का कहना है कि राज्य सरकार अपने विद्यार्थियों के करियर और स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है। मंत्री भाटी ने बुधवार को राज्य के 51 स्व वित्त पोषित विश्वविद्यालयों के चेयरपर्सन, प्रेसीडेंट और प्रतिनिधियों के साथ वीसी के जरिए संवाद के दौरान यह बात कही। वीसी के दौरान भाटी ने कहा कि राज्य में मध्य जुलाई से पहले स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं और उसके बाद चरणबद्ध रूप से बाकी कक्षाओं की परीक्षाओं का आयोजन करवा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य उच्च शिक्षण संस्थानों की दृष्टि से देश में पहले पायदान पर हैं। संख्यात्मक वृद्धि के साथ ही गुणात्मकता का विकास करना चाहिए। वीसी में विश्वविद्यालयों की बाकी रही परीक्षाओं, प्रवेश प्रकिया, आगामी सत्र के साथ अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि सभी पाठ्यक्रमों का संचालन राज्य सरकार और नियामक संस्थाओं के नियमानुसार ही किया जाए। सभी विवि अपने रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करें और प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित योग्यता और प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार की कर्मचारी कल्याण नीति को लागू किया जाए। मंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना संकट को देखते हुए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की फीस को लेकर सहानुभूति पूर्ण रूख अपनाए। अच्छा काम करने की दी नसीहत मंत्री भाटी ने कहा कि कुछ विश्वविद्यालयों में अच्छा काम हो रहा है तो कुछ में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों का भी नुकसान हो रहा है। विधानसभा में भी कई माननीय सदस्य भी इस बारे में चिंता जाहिर कर चुके हैं। कई शिकायतों पर कार्रवाई भी की गई है। विश्वविद्यालयों ने रखीं ये मांग वीसी में निजी विश्वविद्यालयों ने कृषि संकाय में बिना एंट्रेस परीक्षा के प्रवेश की व्यवस्था करने, आॅनलाइन परीक्षा करवाने, पदनाम परिवर्तन करने जैसी कई मांग रखीं। मंत्री ने कोरोना संकट के दौरान विश्वविद्यालयों की ओर से किए गए सहयोग के प्रति उनका आभार भी जताया। वीसी में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के शासन सचिव, शिक्षा ग्रुप 4 के अधिकारी भी शामिल हुए।