अंधाधुंध बिजली कटौती से बिल बिलाए लोग

गगनमिश्रा।सचिन मिश्रा
गर्मी में मनमानी से हो रही बिजली कटौती ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी का कारण बन रही है। शहरी क्षेत्रों में तो विभाग प्राथमिकता पर फाल्ट सही कराता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसे अनदेखा कर दिया जाता है। बिजली कब आएगी यह पूछने के लिए ग्रामीण जब बिजली अधिकारियों को फोन मिलाते हैं तो फोन पर कोई सही समय नही बताया जाता है।
बिजुआ में लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। यहां के लोगों को रोजाना इस परेशानी से जूझना पड़ता है। इतना ही नही रात समाप्त होने के बाद लाइट रोजाना दिन में आठ घंटे तक की कटौती की जा रही है। सुबह दस बजे तक जहां बिजली की आंख मिचोली चलती रहती है, तो वहीं दस बजे के बाद शाम छह बजे तक बिजली गायब हो जाती है। शाम छह बजे भी लाइट आएगी या नहीं इसका कोई ठिकाना नहीं होता है।
वहीं शाम को लाइट आने के बाद भी रात दस बजे तक आती जाती रहती है। इससे विधुत उपकरण खराब हो जाते है। रात भर लोगों को बैठकर ही गुजारनी पड़ती है। बिजुआ फीडर से जुड़े गांवों में पुराने तार लोगों के लिए सबसे बड़ा संकट हैं। यहां से जुड़ने वाले गांव कई दर्जनों समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों को तपती धूप मे खेती करके घर आकर भीषण गर्मी पडने से लाइट ना पाकर मुश्किल का सामना करना पड़ता है। जब कोई तार टूट जाती है तो लाइनमैन को फोन किया जाता है, लेकिन फोन नहीं उठता जोकी मजबूरन हेल्पलाइन नम्बर 1912 पर शिकायत करनी पडती है।जिससे दिन रातभर उन्हें गर्मी में ही परेशान होना पड़ता है।