एलएसी पर मंडरा रहे थे चीनी हेलीकॉप्टर्स

नई दिल्ली पूर्वी लद्दाख में भारत चीन सीमा पर हिंसक झड़प में दोनों देशों के कई सैनिक हताहत हुए हैं। भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं तो चीन के 43 सैनिक या तो शहीद हुए हैं या घायल हुए हैं। इसके बाद एलएसी पर चीनी हैलीकॉप्टर्स की गतिविधियां बढ़ गईं। सूत्रों के मुताबिक मारे गए चीनी सैनिकों के शव और घायलों को लेने के लिए लिए ये हेलीकॉप्टर्स झड़प वाले इलाके में आए थे।
सोमवार रात गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में कई चीनी सैनिक मारे गए हैं। चीन ने सैनिकों के मारे जाने की बात तो कबूल की है लेकिन संख्या बताने से कतरा रहा है। इस बीच भारतीय सैनिकों को चीनी पक्ष की जो बातचीत इंटरसेप्ट की है उसके मुताबिक उनके 43 सैनिक या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हैं। चीन की सेना ने यह तो स्वीकार किया है कि हिंसक झड़प में उसके कई सैनिक मारे गए हैं, लेकिन उसने संख्या नहीं बताई है। चीन संख्या पर चुप्पी साधे हुए है। इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की यथास्थिति को बदलना चाहता था और चीन की तरफ से यथास्थिति बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में यह हिंसक झड़प हुई। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीनी पक्ष द्वारा एकतरफा रूप से एलएसी की स्थिति को बदले का प्रयास किया गया और यथास्थिति बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में एक हिंसक झड़प हुई।
श्रीवास्तव ने कहा कि इस झड़प में दोनों पक्षों के सैनिक हताहत हुए जिस स्थिति से बचा जा सकता था। उन्होंने चीन की निंदा करते हुए कहा कि उच्च स्तर पर जो समझौता हुआ था, उसे चीनी पक्ष की ओर से तोड़ा गया।