मानसून की पहली बारिश में ही

 

पटना के लोगों को एक बार फिर से बाढ़ का खतरा सताने लगा है. गुरुवार की रात हुई झमाझम बारिश से पटना शहर के कई इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए. मानसून की पहली जोरदार बारिश ने ही पटना नगर निगम के उन सारे दावों की हकीकत को बयां कर दिया है, जिसमें पिछले साल से सबक लेते हुए इस बार पटना को डूबने से बचाने का दावा किया गया था. कई इलाकों में रात भर हुई बारिश से झील की स्थिति बन गई पटना का राजेंद्र नगर इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. यहां बहादुरपुर, रामपुर समेत कई मोहल्ले पूरी तरह से जलमग्न हो गए. दूसरी ओर पटना के ही राजबंशी नगर इलाके में भी कई घरों में पानी घुस गया है. यही हाल पुनाईचक समेत अन्य इलाकों का भी रहा है. पटना के पॉश इलाके में शुमार बेली रोड पर कई जगह पानी जमा हो गया है, तो वहीं इनकम टैक्स चौराहा के पास स्थित विद्युत भवन के कैंपस में भी जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है. पटना के ही पाटलिपुत्र कॉलोनी, फुलवारीशरीफ और अनीसाबाद के कई मोहल्लों में भी जलजमाव की खबर है. कई घरों में बरसात का पानी इतना घुस गया है कि घर में रखा सारा सामान बर्बाद हो गया है. पहली बारिश ने ही पटना में नाला उड़ाही की हकीकत को पूरी तरह से सामने लाकर खड़ा कर दिया है. साथ ही शहर के ड्रेनेज सिस्टम की भी पोल खोल दी है. जलजमाव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.