उत्तर प्रदेश : माफिया सरगनाओं के शिकंजे में कराहता राज्य ,

 राजीव कुमार झा
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हाथों आठ निर्दोष पुलिसकर्मियों की हत्या ने सारे देश के लोगों के हृदय को झकझोर कर रख दिया है . इस घटना से यूपी की मौजूदा सरकार के शासन की पोल भी खुल गयी है और इससे यह भी पता चलता है कि देश और समाज में सिर्फ आतंकवाद और नक्सलवाद से ही कानून और व्यवस्था को चुनौती नहीं मिल रही है बल्कि देश के एक काफी बड़े हिस्से में माफिया सरगनाओं का शासन और आतंक फैला है . कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरू गाँव में माफिया सरगना विकास दूबे के नृशंस कारनामें ने सारे देश को हिलाकर रख दिया है . खबर है कि यूपी में अपराधी गिरोह अनेक तरह की अवैध गतिविधियों में संलग्न हैं और इनमें बाजार व्यवसाय कारोबार की दुनिया से इन गिरोहों के द्वारा की जाने वाली हफ्ता वसूली के अलावा विकास एवं निर्माण गतिविधियों में संलग्न ठेकेदारों कंपनियों से लेवी वसूली के धंधे इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं . अपराधियों का यह तंत्र किसी भी कीमत पर अपने इस धंधे को खत्म नहीं होने देना चाहता . उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार भी ऐसे आपराधिक गिरोहों की चपेट में चिह्नित राज्य है . अवैध हथियारों के प्रसार से भी इन वारदातों को बल मिला है . यूपी की मौजूदा सरकार को राज्य में अपराध तंत्र को ध्वस्त करने के लिए दृढ़ संकल्प करना होगा . इसके लिए जरूरी है कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपने खुफिया तंत्र को मजबूत बनाए . इस मामले में वारदात के समय कार्यरत चौबेपुर थाना के इंस्पेक्टर की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा हैं . राज्य में पुलिस तंत्र और इसके भीतर आपसी विश्वास और सहयोग महत्वपूर्ण है . अपराधियों के खिलाफ यूपी पुलिस को अपनी इस लड़ाई को हौसले से जारी रखना चाहिए ।