श्रद्धांजलि

पिछले दिनों हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सरोज खान का देहांत हो गया . सिनेमा सिर्फ अभिनय आधारित कला नहीं है इसकी सुरुचिपूर्ण प्रस्तुति में गीत संगीत और नृत्य की खास भूमिका होती है और सिनेमा के ये तत्व बदलते समय के साथ नये प्रयोगों की जरूरत भी प्रदर्शित करते गये . हिंदी सिनेमा में कोरियोग्राफर के रूप में सरोज खान की चर्चा इस प्रसंग में समीचीन है और उन्हें जैकी श्राफ और मिनाक्षी शेषाद्री की जोड़ी पर फिल्माये गये सुभाष घ ई निर्देशित फ़िल्म ‘ हीरो ‘ के गीत ‘ तू मेरा हीरो है ‘ से सिने जगत में पहचान मिली . यह 90 के दशक का काल था और इसके बाद सरोज खान ने नगीना में ‘ मैं तेरी दुश्मन ‘ तेजाब में ‘ एक दो तीन ‘ चाँदनी में ‘ मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियाँ हैं ‘ इन गीतों की कोरियोग्राफी से उन्हें हिंदी सिनेमा में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब मिली . उन्होंने काफी छोटी – बड़ी फिल्मों में कोरियोग्राफर के तौर पर काम किया और उन्हें संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास के लोकप्रिय गीत ‘ डोला रे डोला ‘ की कोरियोग्राफी के लिए सिनेमा का नेशनल अवार्ड प्रदान किया गया . उन्हें दो और अन्य फिल्मों में भी कोरियोग्राफी के लिए यह पुरस्कार दिया गया . सरोज खान का जन्म 1948 में मुंब ई में हुआ था और तीन साल की उम्र में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में नजराना नामक फिल्म में काम किया था . बालीवुड के अलावा हालीवुड की फिल्म ‘ द गाँधी मर्डर ‘ में भी कोरियोग्राफर के रूप में काम किया था .

समीक्षक : राजीव कुमार झा .जन्म : 8 जुलाई 1971 ई . इंदुपुर . पोस्ट – बड़हिया .जिला – लखीसराय . बिहार । शिक्षा : एम . ए . हिंदी और जनसंचार । समीक्षा के अलावा कविता लेखन में भी रुचि । बिहार के लखीसराय में शिक्षक के तौर पर कार्यरत ।