सरकार के द्वारा निजी विद्यालयों में फीस संग्रहण पर रोक अनुचित कदम – – पंकज कुमार निर्मल 

राजीव कुमार झा

देश में कोरोना के लाकडाउन के बीच सरकार के द्वारा निजी विद्यालयों में छात्रों – अभिभावकों से फीस संग्रहण पर रोक का निर्णय अनुचित है और इस निर्देश को अविलंब वापस लेकर देश के निजी विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के इस साल अप्रैल से बकाये वेतन के भुगतान की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाना चाहिए । यह विचार बिहार के लखीसराय के प्रसिद्ध विद्यालय गोविंद भविष्य भारती शिक्षा सेवा सदन के निदेशक पंकज कुमार निर्मल ने अपनी एक बातचीत में प्रकट किया है . उन्होंने बताया कि बिहार के ज्यादातर निजी विद्यालयों में फीस संग्रहण पर रोक से इन विद्यालयों की आर्थिक व्यवस्था बदहाल हो गयी है और यहाँ वेतन भुगतान नहीं होने से कार्यरत शिक्षकों की दशा शोचनीय है . इस बारे में सरकार को शीघ्र कोई ठोस निर्णय लेना चाहिए . उनके अनुसार निजी विद्यालयों में काफी तादाद में ऐसे परिवारों से भी यहाँ शिक्षार्थीगण पढते हैं जो आर्थिक स्तर पर समृद्ध हैं लेकिन सरकार के द्वारा फीस वसूली पर रोक लगाये जाने से इन परिवारों के अभिभावकों से भी फीस माँगना संभव नहीं रह गया है .