‘राजनीति, अफ़सरशाही व सत्ता के कलंकित घालमेल का अनवरत उत्पाद है आरोपी विकास दुबे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान – महाकाल की शरण में जाने से नहीं माफ होंगे पाप

मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है। उसने यहां शीघ्र दर्शन के लिए 250 रुपये की रसीद भी कटवाई । विकास की गिरफ्तारी पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन पुलिस को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्श्ने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धूल जाएंगे उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं। उन्होंने बताया कि विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है। शीघ्र आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी। मध्य प्रदेश पुलिस उसे यूपी पुलिस को सौंप देगी।

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। विकास दुबे एक क्रूर हत्यारा है। पूरे मध्य प्रदेश की पुलिस अलर्ट पर थी। उसे उज्जैन महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है। हमने उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचित किया है।

BSP मुखिया मायावतीसामने आने चाहिए विकास दुबे के आका, जनता को भी इंतजार

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष के नेताओं को भी योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती से पहले कांग्रेस की प्रियंका गांधी तथा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसा था। बसपा मुखिया ने तीन जुलाई के बाद आज यानी गुरुवार को कोई ट्वीट किया है। तीन जुलाई को भी उन्होंने विकास दुबे प्रकरण पर ट्वीट किया था।

मायावती ने भी विकास दुबे प्रकरण पर दो ट्वीट किया है। मायावती ने लिखा कि कानपुर कांड के दुर्दान्त अपराधी विकास दुबे की काफी लम्बी जद्दोजहद के बाद अन्तत: गिरफ्तारी होने के बाद से अब जनता को अगले कदम का इंतजार है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस के विकास दुबे को गिरफ्त में लेने के बाद अब इसके आपराधिक सांठगांठ व माफियागिरी का पर्दाफाश होने का इंतजार है।

कांग्रेस-सपा का सवाल, गिरफ्तारी है या आत्मसमर्पण

पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी विकास दुबे उज्जैन में पकड़ा गया। पुलिस ने उसे महाकाल मंदिर के परिसर से गिरफ्तार किया। मध्य प्रदेश से विकास की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष अब सवाल उठा रही है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मामले में सीबीआइ जांच की मांग की है। जबकि समाजवादी पार्टी ने पूछा है कि विकास दुबे की गिरफ्तारी हुई है या उसने आत्मसमर्पण किया है।

प्रियंका ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

उन्होंने कहा कि तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगजाहिर करना चाहिए।

अखिलेश यादव – समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाया है। अखिलेख ने ट्वीट किया, ‘खबर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी विकास की गिरफ्तारी को लेकर शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक के बाद एक कई ट्वीट किए गए। ट्वीट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश अपराधियों की शरणस्थली बन गया है। विकास दुबे भी उज्जैन में छिपा था। कमलनाथ सरकार में माफिया और अपराधी प्रदेश छोंडकर भागे, लेकिन शिवराज सरकार में दूसरे राज्यों के अपराधी भी मध्य प्रदेश में छिपने लगे हैं। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा यूपी चुनाव में कानपुर के प्रभारी थे। आगे आप खुद समझदार हैं।

कुमार विश्वास – अफ़सरशाही व सत्ता के घालमेल का उत्पाद है विकास दुबे

अपने तीखे कटाक्ष के जरिये राजनीतिक और सामाजिक विद्रूताओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए मशहूर देश के चर्चित कवि कुमार विश्वास ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने में देरी पर तंज सका है। कुमार विश्वास ने अपने ताजा ट्वीट में सत्ता और पुलिस प्रशासन को घेरते हुए कुख्यात विकास दुबे को राजनीति, अफ़सरशाही व सत्ता के कलंकित घालमेल का अनवरत उत्पाद बताया है। इस ट्वीट में उन्होंने वर्तमान के साथ पिछली सरकारों को भी कटघरे में खड़ा किया है।

कुमार विश्वास ने विकास दुबे की गिरफ्तार के कुछ घंटे बाद बृहस्पतिवार को ट्वीट किया- ‘राजनीति, अफ़सरशाही व सत्ता के कलंकित घालमेल का अनवरत उत्पाद है! पिछले 7 दिनों में 27 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश की निर्वाचित सरकार और उसकी पुलिस को इस शख़्स ने जिस तरह से बेनक़ाब करके नचाया है उससे साफ़ है कि अपराधियों और सरकारों के गठबंधन से उप्र न आज़ाद था न है।’ यह आम अवधारणा है कि सत्ता और अपराधियों का गठजोड़ हमेशा से रहा है और इसके जरिये राजनीतिक दल अपने-अपने हित साधते रहे हैं।