विकास दुबे ने फरीदाबाद में परिवार की महिलाओं को बंधक बना कर ली थी शरण

कानपुर के 5 लाख के इनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे, प्रभात मिश्रा व अमर दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने पर फरीदाबाद की रहने वाली अंकुर की मां शांति मिश्रा व पत्नी गुंजन मिश्रा ने संतुष्टि जाहिर की है। परिवार ने गैंगस्टर विकास दुबे को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि तीनों बदमाशों ने ग्रेटर फरीदाबाद के हरि नगर में 6 जुलाई को अंकुर मिश्रा के घर शरण ली थी। पुलिस ने अपराधी को शरण देने के आरोप में अंकुर मिश्रा व उसके पिता श्रवण मिश्रा को गिरफ्तार किया था और दोनों इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

परिवार ने की जांच की मांग

विकास दुबे का एनकाउंटर होने के बाद शांति मिश्रा व गुंजन मिश्रा का कहना है कि इन तीनों बदमाशों के मारे जाने के बाद उन्हें अंकुर व श्रवण के जेल से जल्द निकलने की आस बंध गई है। उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से भी गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

मास्क व चश्मा लगाकर घर में हुआ दाखिल 

शांति और गुंजन का कहना है कि कि विकास दुबे से उनकी कोई सीधी रिश्तेदारी नहीं थी। विकास दुबे चेहरे पर मास्क लगाए हुए था और आंखों पर चश्मा था, इसलिए शांति व गुंजन उसे पहचान नहीं पाईं। दरवाजा खुलते ही वह साथियों संग सीधा घर के अंदर घुस गया। शांति का कहना है कि जब उसने चेहरे से मास्क हटाया तो उसे पहचाना।

 ‘पंडित तुम यहां से चले जाओ’

शांति मिश्रा ने हाथ जोड़कर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे से कहा था- ‘पंडित तुम यहां से चले जाओ‘ इसी के साथ उन्होंने तो पुलिस के सामने सरेंडर करने की भी सलाह दी थी। मगर विकास ने उसे धमकाकर चुप करा दिया।

विकास दुबे इस कदर नाराज हुआ कि उसने गुंजन का मोबाइल भी अपने पास रख लिया। जब अंकुर घर आया तो उसने भी उन्हें घर से चले जाने को कहा, मगर उन्होंने उसे भी धमकी दी। रात में अंकुर और श्रवण के पहचान पत्र ले लिए। इसके बाद विकास अंकुर को अपने साथ लेकर चला गया और उनके नाम पर होटल में कमरा बुक कराया। इस दौरान प्रभात और अमर दुबे यह सुनिश्चित करने के लिए उनके घर पर ही रहे कि परिवार के सदस्य पुलिस को सूचना नहीं दे पाएं। गुंजन मिश्रा, जिनकी एक वर्ष पूर्व ही अंकुर से शादी हुई है ने कहा कि विकास और उसके साथियों ने परिवार के सदस्यों के मोबाइल अपने पास रख लिए थे। वे लगातार हथियारों के दम पर डरा-धमका रहे थे, इसलिए न तो वो शोर मचा पाए और न पुलिस को सूचित कर पाए।

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नोएडा में वकील से भी मिला, STF की पूछताछ में उगले कई राज

 कानपुर कांड का मुख्य आरोपित फरार होने के दौरानअपने ठिकाने बदल रहा था और इस बीच वह नोएडा में एक वकील से भी मिला था। वह कोर्ट में समर्पण करने की फिराक में वकील के पास पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार उज्जैन से कानपुर लाए जाने के दौरान विकास दुबे ने एसटीएफ की पूछताछ में ऐसे कई राज उगले थे। उसने फरारी के दौरान मदद करने वाले कई लोगों के नाम भी बताए।

कानपुर कांड के बाद जब पूरे प्रदेश में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर थी, तब विकास अपने साथियों की मदद से आसानी से चारों ओर मूवमेंट कर रहा था। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में विकास ने बताया कि वह दो दिनों तक कानपुर देहात के शिवली में अपने परिचित के घर पर रुकने के बाद एक निजी वाहन से नोएडा होते हुए फरीदाबाद पहुंचा था।

 नोएडा में वह जिस वकील से कोर्ट में समर्पण की अर्जी दाखिल करने के सिलसिले में मिला था, उन्होंने 50 हजार रुपये मांगे थे। वह रकम तत्काल देने में असमर्थ था, इसलिए वकील को परिचित से रकम का ऑनलाइन भुगतान कराने का भरोसा दिलाया था। उसने कानपुर पुलिस के कई कर्मियों को अपनी आवासीय योजना में प्लॉट भी देने की बात भी बताई।

लखनऊ में ही शरण लिए रही पत्नी : विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दो जुलाई की रात विकास ने उसे फोन कर भागने को कहा था, जिसके बाद रिचा ने लखनऊ में कृष्णानगर के विजयनगर स्थित भगवती विहार में एक परिचित दंपती के घर शरण ली थी। वह बेटे के साथ परिचित दंपती के मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में छिपी रही और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।