राजस्थान सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी- सुरजेवाला

नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बगावती सुर के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार संकट में आ गई है। सरकार बचाने की कवायद में पार्टी ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसके लिए व्हिप जारी किया गया है।  राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे के अनुसार इस बैठक बगैर किसी सूचना के न शामिल होने वाले विधायकों पर अनुशासनात्म कार्रवाई की जाएगी। पांडे ने कहा कि उन्होंने पायलट से बात करने की कोशिश की और मैसेज भी भेजा है, लेकिन उन्होंने (पायलट) अभी तक जवाब नहीं दिया है। वे पार्टी से ऊपर नहीं है। पार्टी उनकी बात सुनने के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उम्मीद है कि वे मीटिंग में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री गहलोत के निवास पर हुई एक बैठक के बाद लिया गया, जिसमें मंत्रियों सहित लगभग 75 विधायक शामिल हुए थे। बैठक के बाद, पांडे ने पार्टी के सहयोगी रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन के साथ आज तड़के एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। सुरजेवाला और माकन रविवार देर रात जयपुर पहुंचे थे। राज्य में पार्टी की सरकार को बचाने के लिए दो नेताओं को कांग्रेस ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में भेजा है। कांग्रेस विधायक  महेंद्र चौधरी  ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार को गिराने के अपने प्रयासों में भाजपा सफल नहीं होगी। हमारे सभी कांग्रेस विधायक और हमारे गठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं। ये सभी आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। क्या बैठक में सचिन पायलट शामिल होंगे? इसे लेकर उन्होंने कहा, ‘हम तो नाराजगी ही नहीं मानते किसी प्रकार की। सब कोई बैठक में शामिल होगा।  गहलोत सरकार अल्पमत में है। 30 से अधिक कांग्रेस विधायकों ने उन्हें ‘समर्थन’ दिया है। 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में फिलहाल कांग्रेस के पास 107 और भाजपा के 72 विधायक हैं। गहलोत सरकार को 10 निर्दलीय विधायकों और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)  और भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो-दो विधायकों का समर्थन प्राप्त है।