डॉन अबू सलेम का साथी उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पकड़ा, दिल्ली-NCR में करता था वसूली

उत्तर प्रदेश विशेष जांच दल ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जेल में बंद खूखार डॉन अबू सलेम के करीबी गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। वह दिल्ली-एनसीआर में न केवल अवैध वसूली करता था, बल्कि अबु सलेम के पैसे भी यहां की प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करवाता था। राजकुमार मिश्रा के अगुवाई में यूपी एसटीफ की ग्रेटर नोएडा यूनिट ने कुख्यात अबु सलेम और खान मुबारक के निकट सहयोगी गजेंद्र सिंह को सेक्टर 20 से  गिरफ्तार किया।

अबु सलेम के करीबी गजेंद्र सिंह पर आरोप है कि वह अबु सलेम गैंग का खौफ दिखाकर पैसे हड़प लेने के साथ ही अवैध वसूली का काम भी करता है। वर्ष 2014 में दिल्ली के एक बिज़नेसमैन से प्रॉपर्टी के नाम पर एक करोड़ अस्सी लाख हड़प लिए थे।

गजेंद्र पर यह भी बड़ा आरोप है कि वह खान मुबारक और अबु सलेम के पैसे नोएडा-एनसीआर में प्रॉपर्टी में भी लगाता है। वहीं, गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ का कहना है कि पूछताछ के बाद गजेंद्र से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

दिल्ली के एक व्यापारी से फिरौती मांगने के जुर्म में गैंगस्टर अबू सलेम को 7 साल की सजा सुनाई गई है, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 साल पुराने इस मामले में सलेम को सजा सुनाई है।

यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला अब सलेम पिता की मौत  के बाद मेकैनिक का काम करने लगा। कुछ समय बाद अबू सलेम ने पहले दिल्ली की ओर रुख किया और यहां वह टैक्सी चलाने लगा।  फिर मुंबई जाकर वहां भी टैक्सी चलाई। 1986 में अबू सलेम ने मुंबई के बांद्रा और अंधेरी के बीच ब्रेड डिलीवरी का काम किया।

1987 में अबू सलेम ने एक रियल एस्टेट ब्रोकर के तौर पर भी काम किया। मुंबई में ही माफिया लोगों से उसकी मुलाकात हुई और क्राइम की दुनिया की तरफ बढ़ चला। एक समय वह दाऊद इब्राहिम का निकट सहयोगी था और उसे दाऊद का दाहिना हाथ माना जाता था।

1988 के दौरान अबू सलेम पर अपने ही साथी से जबरदस्ती पैसे वसूल करने का आरोप लगा। यहीं से अबू सलेम ने क्राइम की दुनिया में प्रवेश किया।