रेलवे के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

प्रेम कुमार कंबोज
पीलीबंगा–  सीटू के राष्ट्रव्यापी आव्हान के तहत श्रमिक संगठनों सीआईटी यू जनवादी महिला समिति डीवाईएफआई खेत मजदूर यूनियन किसान सभा तमाम माकपा से संबंधित जन संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा रेलवे के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर माननीय राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन रामपुरा रंगमहल के स्टेशन मास्टर जी को ज्ञापन सौंपा वहां हुई सभा को संबोधित करते हुए जनवादी महिला समिति की जिला सचिव कमला मेघवाल ने बताया कि बीजेपी की केंद्र सरकार लगातार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है देश के सरकारी संसाधनों को ओने पौने दामों में पूंजीपतियों को बेच रही है देश में भयंकर बेरोजगारी व महंगाई बढ़ गई है नव उदारीकरण में नई आर्थिक नीतियों ने निजीकरण के कारण बेरोजगारी को और ज्यादा बढ़ाया है देश में सबसे ज्यादा रोजगार सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध है केंद्र सरकार सरकारी संसाधनों को देशी-विदेशी कारपोरेट घरानों को लाखों करोड़ों की संपत्ति अपने मित्रों को मिट्टी के भाव बेच रही है देश में सबसे सस्ता यात्रा खर्च बुजुर्गों महिलाओं गंभीर बीमार नागरिकों मंत्रियों विधायकों सुरक्षाकर्मियों को रियायती यात्रा रेल विभाग उपलब्ध करवा रहा है देश में सबसे ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने वाली सार्वजनिक क्षेत्र में भारतीय रेल है इसके पास बेशकीमती भूमि व संस्थान है इसलिए मोदी सरकार रेल का निजीकरण कर रही है इस तरह मोदी सरकार महामारी की आड़ में लगातार जनविरोधी निर्णय कर रही है जो कतई सहन नहीं होंगे देश की जनता इसका विरोध करेगी और जनवादी महिला समिति इस तरह के निर्णय के खिलाफ पूरा जोर विरोध करती है और मांग करती है कि इस तरह के निजीकरण बंद किया जाए रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाए डीवाईएफआई जिलाध्यक्ष बग्गा सिंह गिल ने संबोधित करते हुए बताया कि बेरोजगारों को दो करोड रोजगार प्रतिवर्ष देने वाली सरकार अब निजीकरण के नाम से रोजगार छीनने का काम कर रही है इन वर्षों में 14 करोड लोगों का रोजगार छिन गया इन वर्षों में भयंकर बेरोजगारी व महंगाई की मार देश की जनता झेल रही है वहीं महामारी की मार ने जनता की हालत बद से बदतर कर दी केंद्र व राज्य सरकारें पूंजी पतियों से सांठगांठ कर महामारी की आड़ में सरकारी संसाधन रेलवे बीमा सड़क परिवहन बैंक बिजली स्वास्थ्य हवाई अड्डे बेच रही हैं फासीवादी ताकतें पूंजीवादी व्यवस्था के कंधे पर सवार होकर सब कुछ लूटने का षड्यंत्र कर रही है निजीकरण एक व्यवस्था नहीं बल्कि पुनः रियासती करण है सीटू वह डीवाईएफआई सरकारी संपत्ति की निजीकरण का विरोध करते हैं सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है सरकारी संपत्तियों को बेच रही है अगर कहीं घाटा हो तो प्रबंधक ठीक से हो सरकार योजनाओं को लोक कल्याणकारी ना करके मुनाफाखोरी को प्रोत्साहन दे रही है वहीं बीजेपी और कांग्रेस सरकारें तोड़ने और जोड़ने में लगे हुए हैं जनता की मांगों को दरकिनार किया जा रहा है देश की जनता को किसी तरह की सुविधाएं नहीं दी जा रही देश की संपत्ति के निजीकरण के खिलाफ यह आंदोलन और तेज किया जाएगा विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए महिला समिति जिला सचिव कमला मेघवाल डीवाईएफआई जिलाध्यक्ष बग्गा सिंह गिल सीटू के प्रमोद साहनी गुरप्रीत सिंह लाभ सिंह अकील खान बृजेश कुमार तथा तमाम जन संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे
वही पीलीबंगा रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर बृजमोहन मीणा को सीटू कार्यकर्ताओं द्वारा माकपा नेता मनीराम मेघवाल के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया जिसमें एफसीआई लेबर के प्रधान महेंद्र सिंह कर्म सिंह चरण सिंह दौलतराम डागला आदि कार्यकर्ता शामिल हुए सोशल डिस्टेंस की पालन के कारण मुख्य कार्यकर्ताओं ने ही ज्ञापन सौंपा मुख्य मांगे
1. तेजस सहित
109 रुटों पर निजी ट्रैन चलाने का प्रस्ताव वापस लिया जाए।
2. रेलवे के निजीकरण की सभी प्रकिया को रद्द किया जाएं।
3. पिछले 2 वर्षों में रेलवे टेक्नीकल/नाॅन टेक्नीकल पदों पर निकाली भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर नियुक्ति दी जाएं।
अगर समय रहते सरकार नहीं चेती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा इन जन विरोधी निर्णयों का माकपा डटकर मुकाबला करेगी