पुलिस – चोर और वो ???

झारखंड – अमूमन पुुलिस को देखकर चोर भागते हैं, लेकिन झारखंड के हजारीबाग जिले में एक चोर ऐसा है जिसे देख पुलिसवाले भागते हैं। वह कभी अस्पताल से भाग जाता है तो कभी एंबुलेंस का शीशा तोड़कर। कोरोना के संक्रमण ने इस चोर को ऐसी सुपर पावर दे दी है कि एक अकेला चोर दर्जनों वर्दीधारियों पर भारी पड़ रहा है। हालत यह है कि यह दो बार अस्पताल से तो एक बार पुलिस के संरक्षण से भाग चुका है। इतना ही नहीं रह-रह कर वह पुलिसवालों को छूकर संक्रमित कर देने की घुड़की भी देता रहता है।

इसे पकडऩे की कोशिश में जब पुलिस वाले पीछे दौड़ते हैैं तो यह उन्हें ही छू देने की धमकी देकर दौड़ाने लगता है। पिछले 10 दिनों से वह पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अब तक वह ढाई दर्जन पुलिसकर्मियों को संक्रमित कर चुका है, जबकि दो थानों को सील भी करा चुका है। जब-जब यह भागता है तो पुलिस-प्रशासन की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ जाती है कि वह न जाने और कितने लोगों को संक्रमित कर दे।

लगातार छका रहा पुलिस को

नशे के आदी इस चोर को 10 दिन पहले  एक किराना दुकान से 150 रुपये चोरी करते पकड़ा गया था। कोरोना जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे हजारीबाग सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। वहां से सात जुलाई को वह अस्पताल का वेंटिलेटर तोड़कर भाग निकल। हालांकि उसे एक घंटे के अंदर पकड़ लिया गया, लेकिन उसे पकडऩे के दौरान 29 पुलिसकर्मी संक्रमित हो गए।

इस कारण दो थानों को सील करना पड़ा। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 9 जुलाई को वह अस्पताल के बाथरूम की खिड़की तोड़कर भाग निकला, इस बार 30 घंटे बाद उसके मोहल्ले से उसे पकड़ा लिया गया। अस्पताल में भी मनमानी व उल्टी-सीधी हरकतें करने के कारण हजारीबाग अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया। गुुरुवार को रिम्स (रांची) ले जाते समय तीसरी बार वह पुलिस की नाक के नीचे से एंबुलेंस का शीशा तोड़कर भाग निकला।

इस बार भी उसे गांववालों के सहयोग से पुलिस ने पकड़ लिया है, लेकिन उसे पकडऩे में कोर्रा के थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह समेत कई अन्य पुलिसकर्मियों पर भी संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। पुलिस वाले कहते हैैं कि इस चोर को पता है कि कोरोना के कारण पकडऩे की बात तो दूर लोग उसे छूने से भी डरेंगे। इसी का फायदा उठाते हुए वह लगातार भाग और भगा रहा है।