पुलिस, प्रशासन ही नहीं बिजली विभाग भी था विकास दुबे पर मेहरबान

कानपुर । गैंगस्टर विकास दुबे पर सरकार के कई विभाग मेहरबान थे। कानपुर के चौबेपुर में सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपित विकास दुबे महीने का बिजली का बिल सिर्फ 450 रुपया जमा करता था, जबकि उसके घर में सोडियल बल्ब, सबमर्सिबल पंप के साथ चार एसी, दो फ्रिज, वाशिंग मशीन तथा 12 पंखा व 24 से अधिक बल्ब-ट्यूबलइट जलते थे।

विकास दुबे की दहशत का खौफ सिर्फ पुलिस तथा जिला प्रशासन में ही नहीं था। बिजली विभाग भी उसके ऊपर बेहद मेहरबान था। महीने भी में हजार किलोवाट से अधिक की बिजली की खपत के बाद भी वह सिर्फ 450 रुपया महीना बिजली का बिल देता था। उसकी किलेनुमा कोठी में अय्याशी के सभी साधन थे, पर बिजली कनेक्शन सिर्फ एक किलो वाट का ही था। उस पर भी मीटर नहीं लगाया गया था और वहां पर बिल का भुगतान न के बराबर था। विकास की दबंगई के आगे मीटर लगाने और लोड बढ़ाने की हिम्मत बिजली विभाग की नहीं हुई।

विकास दुबे की कोठी में छह सोडियम लाइट, चार एसी, दो फ्रिज वाशिंग मशीन, 25 से 30 बल्ब, 12 पंखे, 20 सीसीटीवी कैमरे के साथ ही साथ सबमॢसबल पंप लगा हुआ था। विकास के बाथरूम में भी पंखे लगे थे। वह गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाता था और सभी कमरों के एसी चलते रहते थे। महीने में लाखों रुपए की बिजली फूंकी जा रही थी, लेकिन उसकी कोठी का बिल महज 450 रुपए आता था। विकास दुबे के घर में बिजली का एक ट्रांसफॉर्मर भी मिला है।। बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि विकास के घर पर एक किलो वाट का कनेक्शन होने की जानकारी उन्हेंं है। लोड क्यों नहीं बढ़ाया गया, इस मामले में वह कुछ भी नहीं बोले।

बिकरू में सभी कनेक्शन चेक होंगे

मैथा सब स्टेशन के एसडीओ सौरभ मिश्रा ने कहा कि उसके घर में एक किलोवॉट का कनेक्शन था। यही लिखापढ़ी में भी दर्ज है। उसके बाद यह एसी और अन्य उपकरण कैसे चला रहा था। इसकी जांच होगी। उन्होंने बताया कि विकास के कुछ करीबियों के यहां भी शिकायत मिली है।