पुलिस की चर्चा-फंस गए साहब

बचना ऐ जवानों

कुछ लोगों का कहना है कि जिसे एक बार कोरोना हो गया, ठीक होने पर दोबारा नहीं होगा। दक्षिण – पूर्वी दिल्ली में जितने भी पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हुए थे ज्वाइंट सीपी साहब ने सभी कोरोना से संक्रमित हुए पुलिसकर्मियों की एक सूची बनवाई और उन्हीं को ही इलाके में जरूरी काम है हेतु लोगों को भेजना शुरू कर दिया बाकी ताकि अन्य पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बताया जाए ! लेकिन जामिया नगर, थाने के थाना अध्यक्ष केपी मलिक पिछले महीने कोरोना से ठीक होकर काम पर लौटे  है कि उन्होंने फिर से आम लोगों के भी जाना शुरू कर दिया, इस कारण उन्हें दोबारा कोरोना हो गया।

आईपीएस अधिकारी जाएंगे दिल्ली से बाहर

जिन अधिकारियों के पुलिस आयुक्त से अच्छे संबंध हैं वह लंबे समय तक दिल्ली में रहते हैं जिनके संबंध ठीक नहीं है उन्हें दिल्ली से बाहर भेज दिया जाता है, पूर्व पुलिस कमिश्नर अमूल पटनायक का कार्यकाल साढ़े 3 साल का रहा, करीब 12 आईपीएस अधिकारी उनके बेहद करीबी जमे रहे इसमें डीसीपी से लेकर विशेष आयुक्त तक शामिल है। आरस कृष्णैया, राजेश खुराना, मनदीप रंधावा, देवेंद्र आर्य, मोनिका भारद्वाज, प्रमोद कुशवाहा लंबे समय से दिल्ली में ही है अब जेसीए की बैठक बुलाई जा सकती है उसके बाद कुछ आईपीएस को बाहर भेजा जा सकता है।

बुरे फंसे साहब 

एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी IG पद पर तैनात एसएस यादव की चर्चा एक बार फिर जोरों पर है, असम कैडर में, वहां पर पैर में गोली लगने के बाद जान का खतरा बताकर दिल्ली पुलिस में तैनाती के दौरान गलत फैसलों के साथ उनका तबादला कर दिया, स्पेशल कमिश्नर मुकेश मीणा से झगड़ा करने पर उनको दिल्ली पुलिस में आर्म फोर्ड का ज्वाइंट कमिश्नर दिया यहां तैनाती होने पर एक भ सिपाही की उठक बैठक लगवा दी, यादव जी का तबादला पांडिचेरी कर दिया, लेकिन यादव एसएस यादव अपने घर परिवार पर एक बार फिर तीन महिला एसएसबी और एक एसपी द्वारा उपराज्यपाल से उनके शिकायत की गई बेचारे फिर फंस गए।