क्या सोनू पंजाबन से प्रभावित था फुकरे की भोली पंजाबन का किरदार?

नई दिल्ली | लेडी डॉन सोनू पंजाबन को 24 साल की सज़ा सुनाई गई है। इस बीच सोनू एक बार फिर सुर्खियों में लौट आई। क्या सोनू का फ़िल्म से भी कनेक्शन है। इस बात को लेकर चर्चा यह है कि क्या सोनू पंजाबन से कॉमेडी फ़िल्म फुकरे का किरदार भोली पंजाबन प्राभावित था? इस किरदार को ऋचा चड्ढा ने निभाया था, जो काफी चर्चित भी रहा। साल 2013 के इंटरव्यू में ऋचा चड्ढा ने बताया है कि उनका किरदार भोली पंजाबन, दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन से प्रभावित है।

ऋचा ने इंटरव्यू में कहा था, ‘एक लड़की थी दिल्ली में, सोनू पंजाबन। मेरा किरदार उससे प्राभावित है। उसने क्राइम की दुनिया में काफी कम ऊम्र में ही कदम रख दिया था। 20 साल की उम्र में वह पूरे उत्तर भारत में भी फेमस हो गई थी।’

गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन की खूबसूरती के पीछे उसकी बदसूरत दरिंदगी भी छिपी हुई है।  सोनू देह व्यापार के नशे में इतनी चूर थी कि वह इंसानियत और महिला होने का सबक तक भूल गई थी। वह नाबालिग लड़की को नशा तक कराती थी और देह व्यापार से मना करने पर शरीर पर लाल मिर्च छिड़क देती थी।

बुधवार को नाबालिग का अपहरण कर देह व्यापार में धकेलने से जुड़े मामले में दोषी करार गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन व संदीप बेदवाल को सजा सुनाई गई। नजफगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रीतम सिंह ने सोनू पंजाबन को 24 वर्ष की कठोर कारावास व संदीप को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने सोनू पंजाबन को नाबालिग को देह व्यापार में धकेलना, दासता, देह व्यापार के लिए खरीद फरोख्त, जहर देना, गलत इरादा रखना, अनैतिक तस्करी रोकथाम अधिनियम, आपराधिक षडयंत्र से जुड़ी धाराओं में सजा सुनाई है। वहीं संदीप को दुष्कर्म, देह व्यापार, देह व्यापार के लिए खरीद-फरोख्त व अन्य धाराओं में सजा सुनाई गई है।यह मामला वर्ष 2009 का है।

शरीर पर डाली जाती थी मिर्च

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 सितंबर 2009 को संदीप ने 12 साल की बच्ची का अपहरण किया और उसे कई बार बेचा गया और अंत में वह सोनू पंजाबन के चंगुल में फंस गई। पीड़िता को सोनू पंजाबन ऐसी दवाइयां देती थी जिससे कि वह बहुत ज्यादा विरोध नहीं कर सके। उसके शरीर पर लाल मिर्च डाली जाती थी। सफेद रंग का पाउडर सूंघने के लिए मजबूर किया जाता था।

देह व्यापार करवाती थी नाबालिग लड़की से

ग्राहक के पास भेजने के एवज में सोनू पंजाबन 1500 रुपये लेती थी। अपहरण के करीब पांच वर्ष बाद पीड़िता किसी तरह नजफगढ़ थाना पहुंची और यहां पुलिस को अपने बयान दिए। अपने बयान में उसने संदीप पर अपहरण का आरोप लगाया। उसने पुलिस को बताया कि संदीप ने उसे कहा था कि वह उससे प्यार करता है। शादी करने का झांसा देते हुए संदीप नाबालिग को लेकर सीमा नामक महिला के घर पहुंचा और दुष्कर्म किया। इसके बाद नाबालिग चार बार बेचे जाने के बाद सोनू पंजाबन के हाथों बेची गई। सोनू पंजाबन ने नाबालिग को देह व्यापार में धकेल दिया। उसने भी नाबालिग को तीन शख्स के हाथों बेचा।