पत्‍नी ऋचा दुबे ने कहा-माफी के काबिल नहीं था व‍िकास का कृत्य, मैं खुद उसे गोली मार देती

लखनऊ ।कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे की पत्नी ने कहा कि विकास दुबे ने जो कृत्य किया था वह माफी के काबिल नहीं था। मैं भी होती तो मैं उसे गोली मार देती। मुझे देश के न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है, जो हुआ और आगे जो होगा उस पर मैं पूरा विश्वास करती हूं।

रिचा दुबे ने कहा कि मेरी पूरी संवेदना शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के साथ है। मैं उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं। शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों के परिवार व घायल सभी जवानों से और उनके घर वालों से मैं क्षमा मांग रही हूं। मैं बस सब से यही कहना चाहती हूं कि विकास दुबे ने जो किया उसकी सजा मुझे या मेरे परिवार को ना दी जाए।  विकास के करोड़ों की संपत्ति के सवाल पर रिचा बोली, अगर मेरे परिवार के पास करोड़ों की संपत्ति होती तो मैं 1600 स्क्वायर फीट के मकान में नहीं रहती। मैं भी अपने परिवार के साथ विदेश में मकान लेकर रह रही होती।

बेटे को मानसिक आघात पहुँचा

इस दौरान रिचा ने  कहा कि जबसे बेटे को घुटने पर बैठा कर हाथ ऊपर करा कर फोटो ली गई है तब से वह मानसिक रूप से परेशान है। मेरे बेटे को मानसिक आघात पहुंचा है। उस घटना के बाद से वह किसी से नहीं मिल रहा है और ना ही खुलकर कुछ बोल पा रहा है। वह तस्वीर हम सबके लिए बेहद तकलीफ पहुंचाने वाली है।

23 साल पहले हुई थी शादी

र‍िचा दुबे ने बताया कि विकास उनके बड़े भाई का दोस्त था, जिसके कारण अक्सर उसका घर आना जाना होता था। घर के लोगों से करीबी संबंध थे। इस दौरान उनकी दोस्ती विकास से हो गई और फिर 23 साल पहले उन्होंने शादी कर ली। रिचा ने कहा कि मैं नहीं चाहती कि अब कोई दूसरा विकास दुबे खड़ा हो पाए।

विकास ने फोन कर कहा था ‘गांव में झगड़ा हो गया है’

रिचा को दो जुलाई की रात में विकास ने फोन कर बताया था कि गांव में कुछ लोगों से झगड़ा हो गया है। तुम बच्चों को लेकर निकल जाओ। रिचा का कहना है कि घबराहट में वह अपना फोन घर में ही छोड़कर बच्चों को लेकर निकल गई थीं। अगले दिन बस स्टैंड पर उन्होंने टीवी देखा तो पता चला कि विकास ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी है और कई लोग घायल हैं।

प्लाजा के छत पर छिपकर बिताई रात

रिचा के मुताबिक वह अपने दोनों बच्चों के साथ राजधानी के एक प्लाजा में छिपकर एक सप्ताह तक रही। रात के समय वह बच्चों को लेकर छत पर चली जाती थी और टहल कर समय बिताती थी। अलग-अलग होटलों में जाकर उन्होंने खाना खाया और किसी तरह एक सप्ताह समय काटा। रिचा ने कहा कि पुलिस हमारी रक्षक होती है और किसी भी कीमत पर उनके साथ इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए।