PM मोदी बोले- पाकिस्तान ने पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश की थी

‘मन की बात’

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी के रेडियो कार्यक्रम का यह 67वां संस्करण है। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारत के पराक्रम को पूरी दुनिया ने देखा।

पीएम मोदी देश को संबोधित किया 

– सकारात्मक दृष्टिकोण से हमेशा आपदा को अवसर में, विपत्ति को विकास में बदलने में मदद मिलती है। हम कोरोना के समय भी देख रहे हैं कि कैसे देश के युवाओं-महिलाओं ने प्रतिभा और कौशल के दम पर कुछ नये प्रयोग शुरू किये हैं|

– मैं, आपसे आग्रह करूंगा जब भी आपको मास्क के कारण परेशानी होती हो, उसे उतारने का मन करता हो, तो पल-भर के लिए उन डॉक्टर्स का स्मरण कीजिये, उन नर्सों का स्मरण कीजिये, हमारे उन कोरोना वारियर्स का स्मरण कीजिये|

– कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। हमें बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। चेहरे पर मास्क लगाना या गमछे का उपयोग करना, दो गज की दूरी, लगातार हाथ धोना, कहीं पर भी थूकना नहीं, साफ सफाई का पूरा ध्यान रखना यही हमारे हथियार हैं जो हमें कोरोना से बचा सकते हैं|

– पिछले कुछ महीनों से पूरे देश ने एकजुट होकर जिस तरह कोरोना से मुकाबला किया है, उसने अनेक आशंकाओं को गलत साबित कर दिया है। आज, हमारे देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है, साथ ही हमारे देश में कोरोना से मृत्यु-दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफी कम है|

– आजकल, युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं लड़े जाते हैं, देश में भी कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा जाता है और हर एक देशवासी को उसमें अपनी भूमिका तय करनी होती है|

– अटल जी ने कारगिल युद्ध ने हमें एक मंत्र दिया था- ये मंत्र था कि कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले, हम ये सोचें कि क्या हमारा ये कदम उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है जिसने उन दुर्गम पहाड़ियों में अपने प्राणों की आहुति दी थी: पीएम मोदी

– भारत तब पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के लिए प्रयासरत था लेकिन कहा जाता है न दुष्ट का स्वभाव ही होता है हर किसी से बिना वजह दुश्मनी करना। इसलिए भारत की मित्रता के जवाब में पाकिस्तान द्वारा पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश की, उसके बाद पूरी दुनिया ने भारत की वीर सेना का पराक्रम देखा|

– साथियो, उस समय मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन, मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है|

– आप कल्पना कर सकते हैं कि दुश्मन ऊचें पहाडों पर बैठा हुआ था और हमारी सेना नीचे से लड़ रही थी।इस दौरान जीत पहाड़ की ऊंचाई की नहीं, भारत की सेनाओं के ऊंचे हौंसले और सच्ची वीरता की हुई|

– कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता। पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मनसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आन्तरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था|

– आज 26 जुलाई है, आज का दिन बहुत खास है। आज कारगिल विजय दिवस है। 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था|

इस बारे में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लोगों से अपने विचार भेजने का अनुरोध किया था।11 जुलाई को पीएम मोदी ने ट्वीट किया था, ‘आप सामूहिक प्रयासों से सकारात्मक बदलाव लाने वाली छोटी-छोटी प्रेरक कहानियों से अवगत होंगे। आप निश्चित रूप से उन पहलों के बारे में जानते होंगे, जिन्होंने कई जीवन बदल दिए हैं। कृपया उन्हें इस महीने 26 तारीख को होने वाली मन की बात के लिए साझा करें।