संदेह नहीं कार्रवाई करे पुलिस : डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपहरण की बढ़ती घटनाओं और उनमें पुलिस कार्रवाई पर उठते सवालों को डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बेहद गंभीरता से लिया है। डीजीपी ने फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं को लेकर कड़ी गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता का स्पष्ट आरोप है कि अपहृत/अपहृता को किसी अपराध के उद्देश्य से अगवा किया गया है तो तत्काल उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी ऐसे प्रकरणों में अपहृत की सकुशल बरामदगी तक निरंतर समीक्षा करेंगे और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। अपहरण की किसी घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक तत्काल घटनास्थल पर पहुंचेंगे। फिरौती के लिए अपहरण के मामले में अविलंब संबंधित धारा में एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की रूपरेखा तय करने के भी निर्देश दिए गए।

कानपुर नगर, कानपुर देहात, गाजियाबाद, गोंडा और अन्य जिलों में एक के बाद एक अपहरण की घटनाओं ने पुलिस के लिए चुनौती बढ़ा दी है। इससे निपटने के लिए डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने अपहरण के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में युवक की अपहरण के बाद हत्या के मामले में खासकर पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर बड़े सवाल उठे थे। ऐसे में डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी तय कर दी है।

 अगवा किए गए व्यक्ति की सकुशल बरामदगी के लिए एसओ, सीओ व एएसपी कार्ययोजना बनाएंगे और एसपी के समन्वय से टीमों का गठन कर कार्य आवंटित किया जाएगा। फिरौती वाले अपहरण के मामलों में खासकर 24 घंटे के भीतर अपहृत/अपहृता का फोटो समेत पूरा विवरण प्रदेश व अन्य राज्यों में भेजकर जानकारी हासिल की जाएगी। ऐसी घटनाओं में पूर्व में शामिल रहे अपराधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। डीजीपी ने ऐसी घटनाओं में तत्काल सर्विलांस सेल को सक्रिय करने के साथ ही जरूरत पडऩे पर एसटीएफ की मदद के लिए उच्च अधिकारियों से संपर्क करने का निर्देश भी दिया है।