आज विश्व बाघ दिवस है

राजीव कुमार झा

भारतीय वन्य परिवेश के सुंदर आकर्षक तथा बलशाली प्राणी के रूप में बाघ देश के सारे जंगलों की शान माना जाता है . भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान बाघों का काफी शिकार हुआ और इनकी संख्या एक लाख से घटकर काफी कम हो गयी . हमारे देश में 1973 में बाघ संरक्षण योजना को शुरू किया गया और पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जारी बाघ जनगणना रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में बाघों की संख्या बढकर चार हजार हो गयी है . सरकार के द्वारा देश के 50 जंगलों को टाइगर रिजर्व फारेस्ट घोषित किया गया है . बाघ एशियाई वन्य प्राणी है और सारी दुनिया में मौजूद बाघों का दो तिहाई हिस्सा भारत में है . यह अपनी आहार श्रृंखला से वन्य परिवेश को संतुलित रखता है . बाघ गंगा के मैदान शिवालिक पर्वतमाला के अलावा नार्थ इस्ट हिल राज्यों के जंगलों में पाया जाता है . बाघ की हड्डियों इसके दाँत और खाल की तस्करी को रोकने के लिए भारत ने रूस चीन और श्रीलंका के साथ संधि की है . भारत के पश्चिम बंगाल के सुंदरवन के रायल बंगाल टाइगर सारी दुनिया में सबसे सुंदर नस्ल के बाघ माने जाते हैं . हमारे देश में सफेद बाघ भी हैं ।