अब शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा मानव संसाधन मंत्रालय

नई दिल्ली। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource and Developmnt,  MHRD) का नाम बुधवार को बदलकर शिक्षा मंत्रालय  (Ministry of Education) कर दिया गया। केंद्रीय कैबिनेट से नाम के इस बदलाव को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा नई शिक्षा नीति 2020 को भी कैबिनेट में मंंजूरी दी गई है।

ड्राफ्ट का मसौदा कस्तूरीरंगन ने किया था तैयार

आज हुए कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में 21वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई। यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले 34 सालों से शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था। मुझे उम्मीद है कि देशवासी इसका स्वागत करेंगे।’ उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए ड्राफ्ट तैयार करने वाले कस्तूरीरंगन ने कहा है कि जो भी मीडिया बंधु इस बारे में जानकारी चाहते हैं उनसे संपर्क कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इस नीति के मसौदे को इसरो के पूर्व चीफ कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में टीम ने तैयार किया था।

मंत्रालय के नाम में बदलाव को लेकर RSS ने की थी मांग

राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के कुछ सहयोगी संगठनों की ओर से भी मंत्रालय का नाम फिर से शिक्षा मंत्रालय रखे जाने की मांग की गई थी जो आज पूरी हो गई। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में 1985 में शिक्षा मंत्रालय से बदलकर HRD मंत्रालय नाम दिया गया था।

नई शिक्षा नीति 2020

आज हुए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नई शिक्षा नीति 2020 पेश की गई। यह 1986 की शिक्षा नीति की जगह लेगा। इसके तहत देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलावों को लागू किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के मसौदे के तहत दिए गए मुख्य सुझावों में से एक मंत्रालय के नाम में बदलाव भी शामिल था। इसपर कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी दे दी गई।  नई शिक्षा नीति तहत दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज को देश में कैंपस के जरिए प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।