भारत ट्राइब्स फेस्ट जनजातीय उत्पादकों और बाजार के बीच समन्वय स्थापित में मदद करेगा: सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय

 

नई दिल्ली में ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026’ के बिजनेस कॉन्क्लेव का शुभारंभ हुआ
• ‘जनजातीय समुदाय को उनका उचित हिस्सा मिलना चाहिए’
• भारत सरकार जनजातीय आजीविका को मजबूत करने के लिए दृढ़ संकल्पित: संयुक्त सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
• 30 मार्च, 2026 तक चलने वाले बिजनेस कॉन्क्लेव में 50 से अधिक नीति निर्माता और विशेषज्ञ तथा 600 प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली, 19 मार्च, 2026: भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शिल्प कौशल और उद्यमशीलता की भावना का उत्सव मनाने वाले राष्ट्रीय मंच ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026’ के बिजनेस कॉन्क्लेव का उद्घाटन आज नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में *भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव, श्रीमती रंजना चोपड़ा* द्वारा किया गया।

अपना मुख्य भाषण देते हुए श्रीमती चोपड़ा ने कहा कि भारत सरकार जनजातीय उत्पादकों और बाजार के बीच की दूरी को पाटने के लिए निरंतर काम कर रही है।

श्रीमती चोपड़ा ने कहा, “भारत ट्राइब्स फेस्ट और इस बिजनेस कॉन्क्लेव जैसे प्रयासों के माध्यम से, जो अगले दस दिनों तक चलेगा, हम कुछ बाधाओं को दूर करने और ऐसे संबंध बनाने की उम्मीद कर रहे हैं जो जनजातीय उत्पादकों और बाजार के बीच मार्ग (पाथवे) बनाने में हमारी मदद करेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि इससे न केवल जनजातीय क्षेत्रों से मांग और आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि हमें उम्मीद है कि यह जनजातीय परिवारों की आय में वृद्धि देखने के अंतिम लक्ष्य और उद्देश्य को प्राप्त करने में भी सहायक होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “जनजातीय समुदायों को उनका उचित हिस्सा भी देना होगा और उन्हें भी अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देना होगा ताकि वे इस उच्च आदर्श को सफल बनाने में मदद कर सकें।”

जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में विस्तार से बताते हुए, श्रीमती चोपड़ा ने ‘आदि महोत्सव’ के पुनर्गठन का उल्लेख किया ताकि इसके दायरे को व्यापक बनाया जा सके और उत्सव, शिल्प तथा बाजार संबंधों को एक ही मंच पर लाया जा सके।
उन्होंने उल्लेख किया, “मंत्रालय आज इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि हम जनजातीय कारीगरों या जनजातीय उत्पादकों को मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) का एक महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग कैसे बनाएं। इसीलिए हमने आदि महोत्सव का पुनर्गठन किया है; अब हम इसे ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट’ कह रहे हैं क्योंकि हमारा मानना है कि एक महोत्सव और जनजातीय संस्कृति के उत्सव होने के साथ-साथ, यह मंच उनके शिल्प को प्रदर्शित करने और उनके शिल्प की खरीद-बिक्री के लिए बाजार संबंध भी बना रहा है। भारत ट्राइब्स फेस्ट के रूप में पुनर्गठन करना पहला महत्वपूर्ण कदम है जो जनजातीय कार्य मंत्रालय ने उठाया है।”

जनजातीय आजीविका को मजबूत करने के प्रति सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, *जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आनंद प्रकाश पांडे* ने कहा कि 50 से अधिक वक्ताओं और 600 प्रतिनिधियों वाला यह बिजनेस कॉन्क्लेव जनजातीय आजीविका को सुदृढ़ करेगा।

श्री पांडे ने कहा, “भारत सरकार जनजातीय आजीविका को मजबूत करने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध है, और यही कारण है कि हम इस बिजनेस कॉन्क्लेव को एक ज्ञान मंच (नॉलेज प्लेटफॉर्म) के रूप में आयोजित कर रहे हैं जहाँ हम चर्चा करेंगे, विचार साझा करेंगे और जनजातीय विकास की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए कुछ एसओपी (SOPs) और विचार प्रक्रियाओं को विकसित करेंगे।”

बाजार संबंधों को जनजातीय समुदायों के जीवन के उत्थान के लिए अनिवार्य बताते हुए, श्री पांडे ने बिजनेस कॉन्क्लेव को भारत ट्राइब्स फेस्ट का एक रणनीतिक भागीदार और स्तंभ बताया।

श्री पांडे ने आगे कहा, “बिजनेस कॉन्क्लेव की कल्पना केवल एक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण के प्रतिबिंब के रूप में की जा रही है। यह मंच भारत ट्राइब्स फेस्ट के एक रणनीतिक भागीदार और स्तंभ के रूप में कार्य करता है। हम सभी बाजार तक पहुंच, पूंजी तक पहुंच, नवाचार (इनोवेशन) को बढ़ावा देने और तकनीक व निवेश लाने जैसी चुनौतियों से अवगत हैं। इन सभी विषयों पर अलग-अलग दिनों में संभावित समाधान खोजने के लिए चर्चा की जाएगी।”

‘धन्यवाद प्रस्ताव’ देते हुए, *जनजातीय कार्य मंत्रालय की निदेशक सुश्री दीपाली मसीरकर* ने कहा, “इस मंच में ठोस और मापने योग्य परिणाम उत्पन्न करने की अपार क्षमता है, और यह केवल एक कॉन्क्लेव नहीं, बल्कि एक आंदोलन है।”

उद्घाटन सत्र में सुश्री रूप राशि, अतिरिक्त सचिव और सीईओ केवीआईसी (KVIC); श्री मनीष ठाकुर, अतिरिक्त सचिव, जनजातीय कार्य मंत्रालय; श्री राजमुरुगन मुथुकलाथी, प्रबंध निदेशक, ट्राइफेड (TRIFED) के साथ-साथ जनजातीय कार्य मंत्रालय, फिक्की (FICCI) और अन्य संगठनों के प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित थे।

भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा ट्राइफेड (TRIFED) के सहयोग से किया जा रहा है। इसके समानांतर आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव का मुख्य फोकस बाजार संबंधों पर विचार-विमर्श करने और जनजातीय उद्यमियों के उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने पर है।

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