टीएमसी के बागी नेताओं पर कड़ा प्रहार
थोड़ी शर्म और हिम्मत दिखाओ यूसुफ : मोइत्रा
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में मचे अभूतपूर्व राजनीतिक घमासान के बीच पार्टी की तेजतर्रार सांसद महुआ मोइत्रा ने अपनी ही पार्टी के सांसद और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर यूसुफ पठान पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है। महुआ मोइत्रा का यह गुस्सा तब फूटा, जब टीएमसी के 28 में से 20 सांसदों ने बगावत करते हुए केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को समर्थन देने का चौंकाने वाला फैसला किया। कृष्णानगर से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान की कड़ी आलोचना की।
लोकसभा में कृष्णानगर का प्रतिनिधित्व करने वाली मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर क्रिकेटर से राजनेता बने पठान की आलोचना की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बुलावे पर आनन.फानन में नई दिल्ली जाने के लिए पठान पर निशाना साधा। उन्होंने पठान को थोड़ी हिम्मत दिखाने की चुनौती दी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले दिनों की याद दिलाई। उन्होंने लिखा, ष्हमारे जिले ने आपको भारी अंतर से जिताया था। थोड़ी शर्म और हिम्मत दिखाइए।
मोइत्रा अब तक पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़ी रही हैं, जबकि पार्टी 1998 में अपने गठन के बाद से सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। असल में, उन्होंने हाल ही में उन बागी विधायकों पर कड़ा प्रहार किया था जिन्होंने पार्टी के विधायी विंग पर नियंत्रण कर लिया था। उन्होंने उन्हें ष्पूरी तरह बेकार नेता बताया जो केवल ममता बनर्जी के करिश्मे के दम पर टिके हुए थे।
पठान हाल ही में एक राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए थे। एक बंगाली दैनिक अखबार ने खबर दी थी कि टीएमसी ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की मदद से पूर्व क्रिकेटर को बहरामपुर सांसद के पद से इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की थी, ताकि बनर्जी उस सीट से उपचुनाव लड़ सकें। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि पठान ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
रिपोर्ट के अनुसारए टीएमसी बहरामपुर को बनर्जी के लिए एक सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र मानती थी, क्योंकि वहां मुस्लिम आबादी ;जो पार्टी का मुख्य समर्थक आधार है? मतदाताओं का अनुमानित 50.52 प्रतिशत हिस्सा है। हालांकि, गांगुली ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और अखबार पर ष्सच्चाई की पूरी तरह अनदेखी करने का आरोप लगाया।



