कानपुर: वह कहते थे कभी नहीं पड़ेंगे बीमार और जब बुखार आया तो दे दी जान !
सुनील बाजपेई
कानपुर। वह लगातार व्यायाम और घंटों पूजा पाठ भी करते थे। जिसके बल पर यह भी दावा करते थे वह कभी बीमार नहीं पड़ेंगे लेकिन जब बीमार नहीं पढ़ने के दावे के खिलाफ बुखार आ गया तो उन्होंने बुखार का इलाज करा कर ठीक होने के बजाय ट्रेन से कटकर जान दे दी।
एयरफोर्स के विंग कमांडर के कारोबारी पिता
से जुड़ी यह घटना गोविंद नगर थाना क्षेत्रकी है। रतनलालनगर के एमआईजी कॉलोनी निवासी अशोक कुमार नरूला (80) व्यायाम करने के साथ ही घंटा पूजा पाठ भी किया करते थे।
परिवार से जुड़े सूत्रों की माने तो वह लोगों से अक्सर कहते थे कि मैं व्यायाम और पूजा पाठ भी करता हूं। इसलिए कभी बीमार नहीं पडूंगा, लेकिन इस घटना के कुछ दिन पहले वह बीमार पड़ गए । उन्हें बुखार आ गया। सूत्रों की माने तो परिवार वालों के कहने के बाद भी उन्होंने बुखार का इलाज भी नहीं कराया। और इसी के बाद उनका ट्रेन से कटा हुआ शव गोविंद नगर का थाना क्षेत्र में बरामद किया गया।
माना जा रहा है कि लगातार व्यायाम और पूजा पाठ करने के बाद भी विस्वास के विपरीत बुखार आ जाने की वजह से ही उन्होंने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
उनका बड़ा बेटा अजय मुंबई में एयरफोर्स में विंग कमांडर है। छोटे बेटे अरविंद का बरेली में कंस्ट्रक्शन का काम है। परिजनों ने बताया कि अशोक रोज की तरह सुबह सात बजे घर से टहलने निकले थे। आठ बजे तक न लौटने पर खोजबीन शुरू की।
इस बीच पुलिस ने उन्हें फोन कर दबौली में झांसी रेलवे लाइन पर शव मिलने की जानकारी दी। परिजनों ने वहां पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस ने शव लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्यता जांच में यही पता चला है कि उन्होंने आत्महत्या की है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।


