कृषि भवन, पटना में रबी फसलों के लिए कीटनाशी विक्रेताओं का प्रशिक्षण आयोजित!

 

_रमेश ठाकुर_
कृषि भवन, मीठापुर, पटना स्थित सभागार में शनिवार को पौधा संरक्षण परामर्श योजना के अंतर्गत रबी मौसम में कीटनाशियों के सुरक्षित, संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग को लेकर कीटनाशी विक्रेताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों तक सही जानकारी पहुँचाने में कीटनाशी विक्रेताओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त निदेशक, पौधा संरक्षण, बिहार, पटना डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक, पौधा संरक्षण प्रयोगशाला, पटना देव नाथ प्रसाद, उप निदेशक, पौधा संरक्षण, पटना प्रमंडल मुकेश कुमार, सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण अभिषेक कुमार एवं राहुल कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पटना जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 25 कीटनाशी विक्रेताओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, पटना द्वारा रबी फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट-व्याधियों एवं खरपतवारों के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं उप निदेशक, पौधा संरक्षण प्रयोगशाला, पटना ने कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियमावली, 1971 के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कीटनाशी विक्रेताओं की जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में कीटनाशी विषाक्तता से बचाव, एंटीडोट के प्रयोग, प्राथमिक उपचार एवं घरेलू उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। किसानों के बीच रसायन मुक्त पौधा संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण में शामिल सभी कीटनाशी विक्रेताओं के बीच पीला चिपचिपा फंदा (येलो स्टीकी ट्रैप) का वितरण किया गया।
सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण (सर्विलेंस) द्वारा कीटनाशी छिड़काव के दौरान आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई, जबकि उप निदेशक, पौधा संरक्षण, पटना प्रमंडल ने समेकित नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) की उपयोगिता एवं इसके व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन सत्र में संयुक्त निदेशक, पौधा संरक्षण, पटना डॉ. प्रमोद कुमार ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा ड्रोन तकनीक के माध्यम से कीटनाशी छिड़काव के लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने कीटनाशी विक्रेताओं से आह्वान किया कि वे किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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